इंश्योरेंस मैच्योरिटी की रकम दिलाने का झांसा देकर 22.4 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल, 15 हजार रुपये नकदी व दो एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। आरोपी अमनदीप सिंह वासी संजय नगर टिबडी रानीपुर हरिद्वार, स्वास्तिक वासी शिवलोक कॉलोनी फेस-2 रानीपुर हरिद्वार (उत्तराखंड) व चंद्रकांत वासी अलाहपुर औरंगाबाद जिला बिजनौर (यूपी) को अदालत में पेश किया। यहां से मनदीप सिंह व स्वास्तिक को कारागार तथा चंद्रकांत को एक जुलाई तक रिमांड पर लिया है।
परमजीत सिंह वासी पाढलू थाना शाहाबाद ने 17 जून को शाहाबाद पुलिस को दी अपनी शिकायत में कहा था कि जुलाई 2021 में उसके पास एक कॉल आई थी। कॉल करने वाले राज्यवर्धन रेडी ने खुद को इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी इंडिया का कर्मचारी बताया था। उसने बताया कि उसकी बहन दविंद्र कौर के नाम जीवन बीमा पॉलिसी है। उसकी इंश्योरेंस की मैच्योरिटी के 80 लाख रुपये दिला देगा। उसने उसे अपनी बातों में फंसा लिया और उसके पास अपना खाता नंबर भेजकर कुछ एडवांस फीस भेजने की मांग रखी ताकि इंश्योरेंस लेने की प्रक्रिया शुरू हो जाए। इस तरह उसने उससे 22 लाख चार हजार रुपये ठग लिए। उसने न तो कोई इंश्योरेंस की मैच्योरिटी अमाउंट दिलाई और न ही उसकी रकम वापस की। शिकायत पर मामला दर्ज करके जांच साइबर अपराध अन्वेषण शाखा को दी गई थी।
इस शाखा ने जांच करते अमनदीप, स्वास्तिक व चंद्रकांत को गिरफ्तार करके पूछताछ की। आरोपी अमनदीप सिंह के कब्जे से एक मोबाइल, एक एटीएम कार्ड व पांच हजार रुपये, आरोपी स्वास्तिक के कब्जे से एक मोबाइल, वारदात में इस्तेमाल एक एटीएम कार्ड व 10 हजार रुपये नकदी तथा आरोपी चंद्रकांत के कब्जे से दो मोबाइल बरामद किए। पुलिस ने आरोपी अमनदीप, स्वास्तिक व चंद्रकांत को अदालत के आदेश से अमनदीप व स्वास्तिक को कारागार भेज दिया है तथा चंद्रकांत को एक जुलाई तक रिमांड पर लिया गया है।