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ये प्राइवेट बस है सरकारी नहीं, बता वसूला किराया

Thu, 18 Aug 2016 11:51 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कुरूक्षेत्र
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ट्रैफिक मैनेजर मेजर सिंह - फोटो : Amar Ujala
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प्राइवेट बसों के संचालक हों या फिर चालक-परिचालक, इनके लिए सरकारी आदेश की कोई मूल्यता नहीं है। सरेआम सरकारी आदेशों को ठेंगा दिखाकर मनमर्जी से यात्रियों के साथ व्यवहार करना इनके लिए आम बात है। वीरवार को भी कुछ ऐसा ही हुआ। प्राइवेट बस के परिचालक ने सरकारी आदेश को दांव पर रख महिलाओं से टिकट काटने के नाम पर वसूली शुरू कर दी। जानकारी अधिकारियों तक पहुंची तो परिचालक की आंख खुल गई।
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मामला वीरवार का है, जब रक्षाबंधन के मौके पर पिहोवा से कुरुक्षेत्र नए बस अड्डे के लिए बैठी 20 से अधिक महिलाओं का परिचालक ने टिकट काट दिया। हालांकि महिलाओं ने मुफ्त यात्रा की बात कहते हुए टिकट काटने का विरोध भी जताया, लेकिन परिचालक ने उनकी नहीं सुनी। ये प्राइवेट बस है सरकारी नहीं, ऐसा कहते हुए महिलाओं को टिकट थमाकर पैसे वसूल लिए।

जब इस मुद्दे को लेकर महिलाओं ने नए बस अड्डे पर पहुंचकर गुफ्तगू शुरू की तो यह सूचना रोडवेज अधिकारियों तक भी पहुंच गई। जानकारी मिलते ही मेन डिपो के रोडवेज ट्रैफिक मैनेजर ने उक्त महिलाओं से संपर्क साधा तो मामला सही निकला। इसके बाद प्राइवेट बस चालक और परिचालक को अधिकारियों ने खूब फटकार लगाई और महिलाओं से टिकट के नाम पर वसूले गए पैसे भी वापस दिला दिए।
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सरकार के निर्देश पर हरियाणा परिवहन विभाग ने रोडवेज बसों में रक्षाबंधन के मौके पर महिलाओं के लिए 36 घंटे मुफ्त यात्रा की सुविधा मुहैया कराई गई थी। अधिकारियों के अनुसार यही आदेश प्राइवेट बसों में भी मान्य होते हैं। लेकिन, बावजूद इसके प्राइवेट बस के परिचालक ने इस आदेश पर गौर करना उचित नहीं समझा। हालांकि मौके पर पहुंचे आरटीए विभाग एवं रोडवेज के अधिकारियों ने बस को चेतावनी देकर जरूर छोड़ दिया।

प्राइवेट बसों में भी त्यौहार पर दिए सरकारी आदेश मान्य : टीएम
टीएम मेजर सिंह ने बताया कि रोडवेज बसों की तर्ज पर प्राइवेट बसों में भी सरकारी आदेश मान्य हैं। त्यौहार पर दी गई सरकारी योजना का लाभ दिया जाना जरूरी है। वीरवार को पिहोवा से कुरुक्षेत्र आ रही एक प्राइवेट बस में महिलाओं से किराया वसूला गया, लेकिन उन्होंने वापस करा दिया। चालक-परिचालक को भविष्य के लिए चेतावनी दी गई है।

बिना परमिट नए बस अड्डे में आई बस का काटा चालान
नया बस अड्डा परिसर में दाखिल हुई एक प्राइवेट बस की शक के आधार पर अधिकारियों ने जांच की गई तो सामने आया कि इसका परमिट यहां तक का है ही नहीं। टीएम मेजर सिंह ने बताया कि चीफ इंस्पेक्टर अजमेर सिंह तथा टीआई सतीश कुमार ने चालक-परिचालक से बातचीत की तो पता चला कि बस का रूट परमिट पिपली तक है। जिसके बाद एआरटीए लेखराज ने बिना परमिट के नए बस अड्डे पर आई प्राइवेट बस का चालान कर दिया।
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