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बारिश में बहे किसानों के अरमान, सब्जी के साथ गेहूं व सरसों की फसलों को भारी नुकसान

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बेमौसम बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिए। जनवरी माह में बारिश से खराब हुई फसलों की अभी गिरदावरी भी नहीं हो पाई थी कि एकबार फिर वीरवार देर शाम से शुक्रवार तड़के तक हुई 36.16 एमएम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इस दौरान सबसे ज्यादा बारिश थानेसर और बाबैन क्षेत्र में रिकॉर्ड हुई। बारिश के कारण कई क्षेत्रों में गेहूं और सरसों के साथ-साथ आलू, मटर, टमाटर और गोभी सहित सब्जी की अन्य फसलें नष्ट होने के कगार पर हैं।
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बताया जा रहा है कि जनवरी और फरवरी में हुई बारिश ने जिलेभर की हजारों एकड़ फसल को नुकसान पहुंचाया है। किसान जिला प्रशासन को सरकार के नाम ज्ञापन सौंपकर विशेष गिरदावरी कराने की मांग कर चुके हैं। प्रभावित किसान सरकार से मुआवजे की आस में हैं। सरकार की ओर से भी गिरदावरी के आदेश दिए गए हैं, लेकिन इससे पहले रह-रहकर हो रही बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की रिपोर्ट के अनुसार पिछले दो दिनों में थानेसर में 47, पिहोवा में 31, शाहाबाद में 31, लाडवा में 30, इस्माईलाबाद में 27 और बाबैन में 41 एमएम बारिश दर्ज की गई। ऐसे में किसान जलमग्न हुए खेतों से बरसाती पानी निकाले में जुटे हुए हैं।
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश प्रवक्ता राकेश बैंस का कहना है कि बेमौसमी बारिश से किसानों की हजारों एकड़ फसल प्रभावित हुई है। सरकार खेतों की विशेष गिरदावरी कराए और 40 हजार रुपये प्रति एकड़ किसानों को मुआवजा दे, ताकि वह इस आर्थिक नुकसान से उबर सकें।
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बारिश के चलते कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित
बारिश होने के कारण कई क्षेत्रों में बत्ती भी गुल रही। कई जगह पेड़ गिर गए। काली कमली सब डिवीजन के जेई नीरज ने बताया कि पिछले दिनों हुई बारिश की वजह से शहर में सेक्टर-13, खेड़ी मारकंडा व रेलवे रोड के पास ट्रांसफार्मर खराब हो गए। शास्त्री नगर स्थित पोस्ट ऑफिस के पास पेड़ गिर गया। वहीं बारिश में खेड़ी रामनगर के खेतों की बिजली सप्लाई भी बाधित रही। इस दौरान कई ट्रांसफार्मर के इंसुलेटर खराब हो गए। बिजली प्रभावित होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मुआवजे के लिए 1900 किसानों ने किए आवेदन
फसल में नुकसान झेल रहे किसानों ने मुआवजे के लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग में आवेदन किए हैं। किसानों ने आवेदन करते हुए सरकार से विशेष गिरदावरी की मांग कर उचित मुआवजा देने की मांग की है। जानकारी के अनुसार अभी तक जिलेभर के 1900 किसानों ने आवेदन किए हैं। बताया गया कि आवेदनकर्ताओं की प्रभावित हुई फसल का कृषि विभाग द्वारा सर्वे किया जाएगा।
जिन किसानों ने फसल का बीमा कराया है, उनकी फसल का होगा सर्वे: डॉ. प्रदीप
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. प्रदीप मिल ने बताया कि जिन किसानों की फसलें बारिश की वजह से प्रभावित हुई हैं और उन्होंने मुआवजे के लिए आवेदन किया है। विभाग द्वारा उन्हीं किसानों की फसल का सर्वे किया जाएगा, जिन्होंने अपनी फसल का बीमा कराया हुआ है।
आलू व टमाटर सहित सब्जी की अन्य फसलें हुईं प्रभावित: डॉ. सीबी सिंह
सब्जी विशेषज्ञ डॉ. सीबी सिंह ने बताया कि बारिश से आलू और टमाटर सहित सब्जी की अन्य फसलें काफी प्रभावित हुई हैं। बताया कि जो किसान बेल वाली सब्जियों की बिजाई कर चुके हैं, उनको नुकसान होने की संभावना है। उन्होंने किसानों से अपील की है कि फिलहाल एक सप्ताह तक बेल वाली सब्जी की बिजाई न करें।
बरसात से खराब हुई फसलों का मुआवजा दे सरकार: अशोक अरोड़ा
पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक अरोड़ा ने बारिश से खराब हुई फसलों का मुआवजा किसानों को देने की मांग की है। अरोड़ा ने कहा है कि बरसात के कारण अन्नदाता की गेहूं व सब्जियों की फसल खराब हो गई है। ऐसे में सरकार को चाहिए कि विशेष गिरदावरी कराकर किसानों को मुआवजा दिया जाए। साथ ही खेतों से पानी निकालने के प्रबंध भी किए जाएं।
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