कुरुक्षेत्र। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने सस्ते सामान को असेंबल कर सोनी कंपनी के नाम से एलईडी टीवी बेचने वाले दुकानदार को ग्राहक के साथ धोखेबाजी करने के लिए फटकार लगाते हुए ग्राहक के पक्ष में फैसला सुनाया है। अब दोषी दुकानदार को ग्राहक को 35 हजार रुपये नौ प्रतिशत ब्याज सहित लौटाने होंगे। आयोग ने स्पष्ट किया कि शिकायतकर्ता को बेचा गया टीवी सोनी कंपनी का नहीं बल्कि नकली और लोकल सस्ते सामान को असेंबल कर बनाया गया टीवी था।
मामले में पिपली की भगवान नगर काॅलोनी निवासी राजेश अग्रवाल ने आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज करवाई थी कि उन्होंने लकी मेहता नामक दुकानदार से 19 हजार रुपये में एलईडी टीवी खरीदा था। दुकानदार ने इसे ब्रांडेड कंपनियों से बेहतर बताते हुए बेचा। करीब पांच-छह महीने बाद टीवी की स्क्रीन पर काले धब्बे आने लगे और तस्वीर बार-बार रिपीट होने लगी। शिकायत करने पर दुकानदार ने बताया कि यह लोकल एलईडी है और इसकी कोई गारंटी नहीं है।
शिकायतकर्ता ने बताया कि दुकानदार ने सोनी एलईडी देने के बाद कोई बिल नहीं दिया और भरोसा दिया कि खराबी आने पर बिना पैसे मदद करेगा। आयोग ने आदेश दिए कि आरोपी लकी मेहता शिकायतकर्ता को 35 हजार रुपये नौ प्रतिशत ब्याज सहित 45 दिन में लौटाए। साथ ही 30 दिन के भीतर नकली टीवी दुकानदार को सौंपने के निर्देश दिए हैं।