कुरुक्षेत्र। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) कुरुक्षेत्र में पिछले करीब दो महीनों से चल रहे प्रशासनिक विवादों, कार्रवाई और छात्र आत्महत्या की घटनाओं के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने नए नियमित डायरेक्टर की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी है। उच्चतर शिक्षा विभाग की ओर से एक जून से 30 जून तक आवेदन मांगे गए हैं। मंत्रालय की ओर से प्रक्रिया शुरू होते ही संस्थान परिसर में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
बीते महीनों में एनआईटी लगातार सुर्खियों में रहा है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने 29 मार्च को तत्कालीन डायरेक्टर प्रो. बीवी रमना रेड्डी की प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियों पर रोक लगा दी थी इसके बाद अनियमितताओं के आरोपों के बीच जॉइंट रजिस्ट्रार ज्ञान रंजन सामंत्रे को भी निलंबित कर दिया गया। बाद में 25 अप्रैल को प्रो. रेड्डी का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया और प्रो. ब्रह्मजीत सिंह को कार्यकारी डायरेक्टर नियुक्त किया गया। उधर, संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स (बीओजी) में भी बदलाव की स्थिति बनी हुई है। बीओजी चेयरपर्सन डॉ. तेजस्विनी अनंता कुमार का छह माह का कार्यकाल 24 मई को पूरा हो चुका है, ऐसे में एनआईटी को जल्द नया चेयरपर्सन भी मिलने की संभावना है। संस्थान से जुड़े लोगों का मानना है कि नए नियमित डायरेक्टर की नियुक्ति के बाद प्रशासनिक स्थिरता आएगी और लंबे समय से चल रहे विवादों पर विराम लग सकेगा।