भले ही बारिश से तीन-चार दिन से पड़ रही गर्मी से राहत दी, मगर किसानों का सिर दर्द बढ़ा दिया है। जहां खेतों में फसल पककर तैयार है, वहीं अनाज मंडी में भी धान की हजारों क्विंटल आवक हो चुकी है। ऐसे में बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
बुधवार को हुई बारिश से धान कटाई का कार्य भी ठप रहा। हालांकि बारिश होने से पिछले तीन-चार दिन से पड़ रही गर्मी से राहत मिली है। बुधवार को अधिकतम तापमान 29 और न्यूनतम 24 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं खेतों में धान पककर तो कुछ अध पकी खड़ी है। यदि मौसम की बेरुखी जारी रही तो किसानों को धान की फसल में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
मंडी में धान आना शुरू हो गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आगामी तीन दिन तक बारिश के आसार हैं। ऐसे में किसानों को चिंता सता रही है कि आखिर उनकी फसल कहीं बर्बाद न हो जाए।
किसान यही कामना भी कर रहे हैं कि आने वाले दिनों में बारिश न हो, जिससे किसानों के धान सुरक्षित रह सके। वहीं, बाबैन अनाज मंडी में पड़ी किसानों की हजारों क्विंटल धान के खराब होने का अंदेशा पैदा हो गया है। धनानी के किसान सुख श्याम, सोहन चकचानपुर, सुनील रामसरन माजरा, रामपाल ने कहा कि इस मौसम में वर्षा होना किसानों के लिए बहुत ही नुकसानदायक है। उनका कहना है कि धान के पक जाने के कारण बारिश के साथ आई तेज हवाओं से धान खेतों में बिछ गई है। इस कारण धान में जमाव होने लगा है और जमाव हो गया तो धान का कोई खरीददार नहीं मिलेगा। किसान धान को नुकसान में बेचने के लिए मजबूर होगा। उन्होंने कहा कि बाबैन क्षेत्र में आलू बाहुल्य क्षेत्र है। इस कारण क्षेत्र के ज्यादातर किसान अगेती किस्म की धान लगाते है। मांग है कि धान की खरीद शीघ्र शुरू की जाए।