The purpose of life of girls is not just to take care of the family: Kanta Singh
- फोटो : Kurukshetra
कुरुक्षेत्र। लड़कियों के जीवन का उद्देश्य सिर्फ परिवार संभालना ही नहीं है, बल्कि परिवार की जिम्मेदारी उठाने के साथ-साथ उन्हें अपने लक्ष्य को भी हासिल करना चाहिए। हर लड़की को समाज के प्रति अपने कर्तव्य को समझना चाहिए। जो भी शिक्षा वो ले रही हैं वो तभी सार्थक होगी जब वे समाज के लिए ऐसा कुछ करेंगी जिसकी उसको जरूरत है। यह कहना है यूएन वुमेन की कंट्री प्रोग्राम मैनेजर एवं यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड, शिवनिंग गुरुकुल फैलो कांता सिंह का। वे बुधवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के महिला अध्ययन शोध केंद्र एवं स्त्री शक्ति: द पेरलल फोर्स के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शी लीड्स के समापन अवसर पर बोल रही थी।
उन्होंने कहा कि महिला होने के नाते हमारे अंदर यह भाव होना चाहिए कि हम किसी दूसरी महिला की पीड़ा का कारण न बनें, बल्कि उसकी मदद करने की कोशिश करें। उन्होंने प्रतिभागियों को अपने लक्ष्य को पाने के लिए जिद्दी होने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में चीफ ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट हरियाणा सुखदा प्रीतम ने प्रतिभागियों को विपरीत परिस्थितियों में भी अवसर ढूंढने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि यदि हम अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित कर लेते है तो कोई भी बाधा उसे रोक नहीं सकती, बल्कि परिस्थितियों धीरे-धीरे अनुकूल होती जाती हैं। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए हरियाणा में लड़कियों के प्रति समाज की रूढ़िवादी मानसिकता का जिक्र किया और कहा कि लड़कियां यदि अपनी क्षमता का सही इस्तेमाल करें और सफल हो तो दूसरी लड़कियां को भी मार्ग दिखा सकती हैं।
इंडियन स्कूल ऑफ डेमोक्रेसी की प्रशिक्षक अनीता मनोहरन ने प्रतिभागियों को भारतीय राजनीति में महिलाओं का प्रतिनिधित्व एवं प्रदर्शन से अवगत कराया। इस प्रशिक्षण में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की 50 से अधिक छात्राओं ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर इंडियन स्कूल ऑफ डेमोक्रेसी की प्रशिक्षक वाणी, श्रुति, प्रो. सुदेश, प्रो. अनुरेखा शर्मा, सविता सेठी, प्रो. प्रीति जैन, प्रो. नीरा राघव व डॉ. वंदना सहित अन्य उपस्थिति रहीं।