कुरुक्षेत्र। 48 कोस कुरुक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले तीर्थों का कायाकल्प किया जाएगा। इन तीर्थों को बेहतर सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने के लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय बनाएंगे।
सोमवार को कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड कार्यालय में 48 कोस तीर्थ विकास निगरानी समिति की बैठक हुई। अध्यक्ष रविंद्र सांगवान ने इसकी अध्यक्षता की, जिसमें पांच जिलों के अधिकारी शामिल हुए। बैठक में तीर्थ स्थलों के संरक्षण, सुंदरीकरण और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। रविंद्र सांगवान ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन में सभी तीर्थों का योजनाबद्ध विकास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र की धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखना सामूहिक जिम्मेदारी है। विकास कार्यों में प्राचीन धरोहर की महत्ता का ध्यान रखते हुए आधुनिक सुविधाओं का विस्तार होगा। समिति 48 कोस कुरुक्षेत्र की पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने का भी प्रयास करेगी। बैठक में कैथल, कुरुक्षेत्र, करनाल, जींद और पानीपत जिलों के अधिकारी मौजूद रहे।