संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। एलएनजेपी अस्पताल में मां-बाप को चाय में कोई नशीला पदार्थ पिलाकर चार लोग उसकी सात माह की बच्ची को अपने साथ ले गए। इन लोगों ने उसकी पत्नी को भी चाय भेजी थी, जिसे पीकर वह भी बेसुध हो गई। व्यक्ति अपनी मानसिक रूप से बीमार पत्नी का इलाज कराने अस्पताल आया हुआ है। होश में आने के बाद व्यक्ति ने अपनी बेटी की आसपास तलाश की और पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने बच्ची बरामद कर परिजनों को सौंप दी।
गांव हंसाला वासी अर्जुन ने बताया कि वह मेहनत-मजदूरी का काम करता है। उसकी पत्नी सीमा मानसिक रोगी है। दो महीने से उसकी पत्नी करनाल के सरकारी अस्पताल में भर्ती थी। वहां से छुट्टी लेकर उसने अपनी पत्नी को 18 मई को एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां उसका आठ साल का बेटा अंग्रेज और सात माह की बेटी कृतिका भी उसके साथ ही थे।
अस्पताल की दूसरी मंजिल पर बने वार्ड में उसकी पत्नी के बेड के सामने ही शाहाबाद का एक मरीज दाखिल था, जिससे उसकी कुछ जान पहचान हो गई थी। उस मरीज से सोमवारकी शाम मिलने कुछ लोग आए थे। उन लोगों ने उसे व उसकी पत्नी को खाना दिया था। कुछ देर बाद वह लोग चाय पिलाने के बहाने अपने साथ ले गए।
आरोप लगाया कि इस दौरान उन्होंने चाय में कोई नशीला पदार्थ मिला दिया, जिससे वह बेहोश हो गया। ऐसी ही चाय उन्होंने उसकी पत्नी के लिए भी भेजी थी। चाय पीकर उसकी पत्नी भी बेहोश हो गई। इसी दौरान वे लोग उसकी बेटी कृतिका को अपने साथ ले गए। होश आने पर उसने इधर-उधर अपनी बेटी को देखा, मगर उसका कोई पता नहीं चला, जिसकी शिकायत उसने पुलिस को दी।
केयूके थाना प्रबंधक राजपाल ने बताया कि अस्पताल से बच्ची के गायब होने की सूचना पुलिस को मिली थी। पुलिस ने अस्पताल की सीसीटीवी फुटेज की जांच की, जिसमें कुछ लोग बच्ची को अपने साथ लेकर जाते दिखे। पुलिस ने जांच पड़ताल करके सोमवार रात साढ़े 12 बजे बच्ची की तलाश करके सुरक्षित माता-पिता के हवाले कर दिया। बताया कि बच्ची के पिता ने लिखकर अपनी बेटी को उन लोगों के हवाले किया था। बच्ची के पिता से उन लोगों का मोबाइल नंबर और पता भी मिला है।
कोरे कागज पर कराए साइन
अर्जुन ने बताया उन लोगों ने उसके कोरे कागज पर साइन भी लिए थे, मगर उस समय वह नशे में था। उसकी पत्नी पहले ही मानसिक रोगी है। नशे में होने के कारण उन्हें कुछ समझ नहीं आया। बाद में पुलिस ने जांच करके उनकी बेटी को उसके हवाले कर दिया।
पुलिस कर रही मामले की जांच : डॉ. सारा अग्रवाल
चिकित्सा अधिकारी (एमओ) डॉ. सारा अग्रवाल ने बताया कि उनको सूचना मिली थी कि कुछ लोगों ने कागज पर साइन कराकर एक व्यक्ति से उसकी बच्ची को लेकर गए हैं। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।