प्रदर्शनी का अवलोकन करते गृह मंत्री अमित शाह, सीएम सैनी।
कुरुक्षेत्र। नए आपराधिक कानूनों पर मेला ग्राउंड में लगाई गई विशेष प्रदर्शनी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस प्रदर्शनी को सात अलग-अलग विभागों की कार्यप्रणाली और उनकी भूमिकाओं को दर्शाते हुए 10 हिस्सों में विभाजित किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 के माध्यम से देश की आपराधिक न्याय प्रणाली में हुए सुधारों को जनता के सामने लाना है।
प्रदर्शनी में सबसे पहले डायल-112 कंट्रोल रूम दिखाया गया है, जहां किसी अपराध की सूचना मिलते ही ईवीआर की गाड़ी मौके पर रवाना की जाती है। इसके बाद सीन ऑफ क्राइम का सेटअप बनाया गया है, जहां पुलिस और फॉरेंसिक टीम मिलकर तथ्यों को जुटाती है। अस्पताल में पोस्टमार्टम और इमरजेंसी सेवाओं की प्रक्रिया, सीएफएसएल में रिपोर्ट तैयार करने की प्रणाली और पुलिस स्टेशन की कार्यप्रणाली को भी लाइव दिखाया गया है।
लीगल एड के तहत आरोप पत्र तैयार करने के नियम बताए गए हैं। वहीं जेल से दया याचिका, कोर्ट में न्यायिक फैसले की प्रक्रिया और अंत में पॉलिसी स्कीम के साथ नए न्याय संहिता की उपलब्धियों को भी प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी में ऐसे वास्तविक मामलों को शामिल किया गया है, जहां नए कानूनों के लागू होने के बाद जघन्य अपराधों का तुरंत समाधान हुआ। इससे लोगों को इन सुधारों के सकारात्मक प्रभावों को समझने में मदद मिल रही है।
सभी विभागों के काम को लाइव रूप में दिखाया गया
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा का कहना है कि इस प्रदर्शनी में सात विभागों के 10 स्टॉल लगाए गए हैं और सभी विभागों के काम को लाइव दिखाया गया है। इसे देखने के लिए स्कूली बच्चे, लॉ कॉलेजों के विद्यार्थी, अधिवक्ता और आम नागरिक पहुंच रहे हैं। प्रतिदिन सुबह 11 बजे, दोपहर दो बजे और शाम चार बजे शो होंगे। प्रदर्शनी 11 अक्तूबर तक जारी रहेगी और इसमें अन्य जिलों से भी हजारों लोग शामिल होंगे।