कुरुक्षेत्र। सरस्वती रिवर फ्रंट के दोनों तरफ एक किलोमीटर तक जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। साथ ही पिपली में सरस्वती के भव्य मंदिर और आरती स्थल का निर्माण किया जाएगा। इस संबंध में हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड की ओर से सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। बोर्ड के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच ने सोमवार को पिपली में सरस्वती नदी स्थल का निरीक्षण करने के उपरांत इस संबंध में सिंचाई विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच ने बताया कि योजना के तहत पिपली को एक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे धर्मनगरी के पर्यटन को और गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि पिपली के एक किलोमीटर क्षेत्र में सरस्वती रिवर फ्रंट बनाने की योजना है। इसी महीने इसका टेंडर भी हो जाएगा। इसके दोनों तरफ एक किलोमीटर तक जमीन का अधिग्रहण कर इस प्रोजेक्ट को बड़ा रूप देने की भी योजना है। प्रतापगढ़ पुलिया तक एक एकड़ की चौड़ाई और उससे आगे एक किलोमीटर सरस्वती नदी के किनारे दोनों तरफ 50-50 फुट जमीन का अधिग्रहण होगा। बोर्ड का प्रोजेक्ट है कि इस स्थल पर बोटिंग, पार्किंग, फूड कोर्ट व अन्य जन सुविधाओं को भी विकसित किया जाए। इस पूरे प्रोजेक्ट को मुख्यमंत्री मनोहर लाल और पर्यटन मंत्री कंवरपाल के समक्ष रखा जाएगा। इससे पहले उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों संग सरस्वती नदी के जीटी रोड के साथ लगते क्षेत्र अमरगढ़ मजाडा तक सरस्वती नदी के किनारों का निरीक्षण किया।