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दुकानें बंद कर आढ़तियों ने जताया रोष

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पिपली की अनाजमंडी में बंद दुकानें। संवाद - फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। खाद्य वस्तुओं पर पांच फीसदी जीएसटी लगाने पर आढ़ती वर्ग सरकार के विरोध में आ गया है। नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के आह्वान पर आढ़तियों ने शनिवार को अपनी दुकानें बंद रखकर फैसले का विरोध जताया। इससे अनाज मंडियों में दिनभर कामकाज पूरी तरह से ठप रहा।
एसोसिएशन के प्रधान दौलतराम बंसल ने बताया कि सरकार ने सभी खाद्य वस्तुओं पर पांच फीसदी जीएसटी लगाने का निर्णय लिया है, जिसे 18 जुलाई से लागू किया जाएगा। पूरे भारत के व्यापारी इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। भारत के इतिहास में पहली बार किसी सरकार ने खाद्य पदार्थों पर जीएसटी लगाया है। जीएसटी लगाने से न केवल महंगाई में बढ़ोतरी होगी, बल्कि 80 प्रतिशत छोटे-बड़े व्यापारियों के व्यापार पर विपरीत असर पड़ेगा।
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उन्होंने कहा कि व्यापारी वर्ग सबसे ज्यादा टैक्स देकर सरकार का खजाना भरने का काम कर रहे हैं, मगर उनकी समस्याओं की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा और न ही व्यापारियों को किसी प्रकार की सुविधा मिल रही है। सरकार जबरन उन पर कानून थोप रही है। इससे दो नंबर के कार्य को बल मिलेगा। अभी आढ़तियों ने शांतिपूर्ण अपना विरोध दर्ज कराया है। अगर समय रहते सरकार ने निर्णय वापस नहीं लिया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
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थानेसर, पिपली और इस्माईलाबाद में बंद रहीं दुकानें
जीएसटी लगाने के विरोध में आढ़तियों के दुकानें बंद के समर्थन का असर भी दिखाई दिया। थानेसर समेत पिपली, इस्माईलाबाद के आढ़तियों ने दुकानें बंद रखकर विरोध जताया। इस्माईलाबाद एसोसिएशन के प्रधान राजेश कंसल ने बताया कि अभी तक व्यापारी वर्ग कोरोना महामारी की मार से पूरी तरह से उबरा नहीं है। जीएसटी लगाने का फैसले का हर वर्ग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा और महंगाई में बढ़ोतरी होगी।

थानेसर अनाज मंडी में बंद आढ़तियों की दुकानें। संवाद- फोटो : Kurukshetra

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