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पीलिया के लक्षण मिलने पर हरकत में विभाग

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पानी के नमूने लेते टीम के सदस्य। संवाद - फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। बाहरी मोहल्ले के लोगों में पीलिया के लक्षण मिलने पर स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। सिविल सर्जन डॉ. सुखबीर सिंह ने शनिवार को गांव का दौरा कर मामले की जानकारी ली और विभाग को सैंपल एकत्रित करने के आदेश जारी किए। विभाग की टीम पीलिया की जांच के लिए लोगों के खून के साथ पीने के पानी के सैंपल भी एकत्रित कर रही है। विभाग की टीम ने पीलिया की जांच के लिए पांच सैंपल लिए हैं, उन्हें जांच के लिए भेजा गया है।
स्वास्थ्य विभाग टीम को गांव बाहरी में दो-तीन बच्चों में पीलिया के लक्षण मिले थे। इस पर बाहरी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिपली की ओर से इसकी सूचना सिविल सर्जन कार्यालय को दी गई थी। इस सूचना पर एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी) यूनिट ने वीरवार को इस संदिग्ध आउटब्रेक श्रेणी में रखते हुए रैपिड रिस्पांस टीम ने गांव बाहरी में घर-घर जाकर ऐसे केसों को चिह्नित किया था। साथ ही लोगों को पीलिया के लक्षणों के बारे में भी जानकारी देकर जागरूक किया
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अब शनिवार को सिविल सर्जन डॉ. सुखबीर सिंह ने गांव बाहरी का निरीक्षण किया तथा टीम को पीने के पानी तथा लोगों केखून के सैंपल लेने के निर्देश दिए। टीम ने मोहल्ले से पांच लोगों के खून के सैंपल लिए हैं। वहीं पानी के भी करीब 50 ओटी सैंपल लिए हैं। इन सैंपलों को जांच के लिए करनाल लैब भेजा गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 14 जुलाई को बाहरी में सैंपल लिए थे, जिनमें पांच केसों में पीलिया के लक्षण दिखाई दिए थे। वहीं पानी के ओटी सैंपल भी लिए थे। यह सभी ठीक पाए गए है। अभी तक पानी के करीब 50 ओटी सैंपल लिए गए हैं और पांच सैंपल बीटी टेस्ट के लिए लैब में भेजे गए हैं।
इसी कड़ी में सिविल सर्जन डॉ. सुखबीर सिंह ने बाहरी के आंगनबाड़ी केंद्र पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और आशा वर्करों की बैठक भी ली। बैठक में हैलोजन की गोलियां और ब्लीचिंग पाउडर ग्रामीणों में निर्धारित मात्रा में वितरित करने के निर्देश दिए। ग्रामीणों को इनके प्रयोग के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।
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जांच के लिए करनाल भेजे सैंपल
उप सिविल सर्जन डॉ. सुदेश सहोता ने बताया कि बाहरी मोहल्ले से पांच बीटी सैंपल लिए गए हैं। वहीं पाने के पानी की ओटी सैंपल भी लिए हैं। इन सैंपलों को जांच के लिए करनाल भेजा गया है। अभी तक कोई भी केस सामने नहीं आया है।

आशा वर्करों से बातचीत करते सिविल सर्जन डॉ. सुखबीर सिंह। संवाद- फोटो : Kurukshetra

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