संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। निजी स्कूलों को बढ़ावा देने और सरकारी स्कूलों की बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा न करने का आरोप लगाकर प्राथमिक शिक्षक अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। प्राथमिक शिक्षक बुधवार को दूसरे दिन स्कूल के बाद दोपहर तीन से शाम पांच बजे तक लघु सचिवालय के बाहर धरने पर बैठे। उनका कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर संज्ञान नहीं लेती, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। धरने का उन्होंने यह समय इसलिए चुना, ताकि शिक्षण कार्य प्रभावित न हो।
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राजेंद्र टंडन ने कहा कि सरकार ने दूसरी से 12वीं कक्षा बच्चों के निजी स्कूलों में दाखिले के लिए पोर्टल बनाया गया है। इस पोर्टल पर निजी स्कूल अपना पंजीकरण कर सकेंगे। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को दाखिला देने के इच्छुक स्कूलों को 30 अप्रैल तक इस पोर्टल पर पंजीकरण कराने का समय दिया गया है। टंडन ने बताया कि यह धरना प्रदर्शन जब तक जारी रहेगा जब तक सरकार निजीकरण नीति को बंद नहीं करती।
राज्य प्रेस प्रवक्ता सूबे सिंह सुजान ने बताया कि सरकार प्राइवेट स्कूलों को प्रमोट कर रही है और सरकारी स्कूलों को समय पर सुविधाएं उपलब्ध नहीं करा रही। संघ के महासचिव संदीप चौहान ने बताया कि इस समय शिक्षा विभाग और सरकार सांठगांठ करके सरकारी शिक्षा प्रणाली को निजी हाथों में देना चाहते हैं। कभी मॉडल संस्कृति स्कूलों में दाखिला में अंग्रेजी माध्यम व फीस की शर्त लगा दी जाती है और कभी सरकारी स्कूलों के बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाने के लिए सरकार फीस देने तक की घोषणा कर देती है।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकारी स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं से लेकर शिक्षकों की कमी, किताबें उपलब्ध न कराना ये सब एक सोची समझी चाल है। सरकारी स्कूल की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए पैसे नहीं हैं, लेकिन निजी स्कूलों के लिए फीस तक सरकार वहन करने को तैयार है। इस मौके पर कोषाध्यक्ष सतीश भारद्वाज, नरेश फूले, अमन पाल,अश्विनी, राजेश नरवाल, अशोक कुमार, सुरेश पलवल, मोनिका भारद्वाज, दिलीप कुमार, प्रमोद गुप्ता, नरेश कुमार, राजेंद्र जांगड़ा आदि मौजूद रहे।