कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय और पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के संयुक्त तत्वावधान में विश्वविद्यालय चरण के लिए राष्ट्रीय पर्यावरण यूथ संसद 2022 का आयोजन किया गया। इसमें विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों के करीब 125 चयनित विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। केयू के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थी पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण कार्य कर सकते हैं। नवाचार के विभिन्न तरीके अपनाकर समाज को पर्यावरण बचाने के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों को प्रथम एवं द्वितीय चरण के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी।
राष्ट्रीय पर्यावरण यूथ संसद 2022 के विश्वविद्यालय चरण के आयोजन में केयू के छात्र कल्याण अधिष्ठाता एवं पर्यावरण नोडल अधिकारी प्रो. अनिल वशिष्ट ने कहा कि 15 और 16 जनवरी को दो दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में आठ विजेता प्रतिभागी क्षेत्रीय स्तर पर कुरुक्षेत्र विद्यालय का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह चरण 23 जनवरी को आयोजित किया जाएगा और इसमें हरियाणा और दिल्ली के विभिन्न विश्वविद्यालयों के विद्यार्थी भाग लेंगे।
निर्णायक मंडल के सदस्यों में डॉ. अनीता दुआ, डॉ. अनीता भटनागर, डॉ. सुमन सिंह, डॉ. हरदीप आनंद, डॉ. अर्चना चौधरी, डॉ. विवेक गौड़, डॉ. रोमा, डॉ. दीप्ति चौधरी और डॉ. हरदीप राय उपस्थित रहे। प्रतियोगिता के आयोजन में पर्यावरण नोडल अधिकारी प्रो. अनिल वशिष्ठ, शिक्षक समन्वयक डॉ. दीपक राय, डॉ. मीनाक्षी सुहाग, डॉ. पूजा अरोड़ा, डॉ. विशाल अहलावत, डॉ. सुनील नैन, छात्र को-ऑर्डिनेटर अंकुश, दुर्गा, परवेश, महक, हरितिका एवं आयना सक्रिय रहीं। राष्ट्रीय यूथ संसद के शिक्षक समन्वयक डॉ. दीपक राय ने बताया कि इस चरण में आठ विजेता छात्रों ने 23 जनवरी को होने वाली क्षेत्रीय चरण की प्रतियोगिता के लिए क्वालिफाई किया है। आठ विजेता छात्रों में अंजलि गुप्ता रसायन विज्ञान एमएससी अंतिम वर्ष, तनुज शर्मा यूआईईटी बीटेक, निधि पर्यावरण अध्ययन विभाग एमएससी अंतिम सेमेस्टर, नेहा शर्मा माता सुंदरी खालसा गर्ल्स कॉलेज, कैथल बीए पांचवां सेमेस्टर, रिया मलिक विधि विभाग एलएलबी प्रथम वर्ष, आयुषी चौधरी, गवर्नमेंट पीजी कॉलेज, अंबाला कैंट, एकता यादव गणित विभाग एमएससी गणित, कोमल मलिक बीएड डॉ. गणेश दास डीएवी महिला शिक्षा महाविद्यालय करनाल शामिल हैं।