कुरुक्षेत्र। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के प्रयासों के बावजूद भी अनेक परियोजनाएं आज भी अटकी हुई है। इनमें शाहाबाद स्थित मीरी पीरी मेडिकल संस्थान भी शामिल है, जहां चिकित्सक से लेकर अन्य स्टाफ भी सैलरी को लेकर संशय में है। हरियाणा कमेटी की आम सभा न हो पाने के चलते संस्थान का बोर्ड भी आज तक नहीं बन पाया है, जिसके चलते संचालन को लेकर भी अनेक प्रकार की चर्चाओं का दौर जारी है।
हरियाणा कमेटी ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले के बाद भले ही संस्थान को अपने अधीन होने का दावा किया लेकिन गत 16 जून को भी कोरम पूरा न होने के चलते आम सभा की बैठक रद्द करनी पड़ी थी। इसमें उक्त संस्थान के लिए बोर्ड बनाए जाने पर भी चर्चा की संभावना थी तो वहीं यह भरोसा कमेटी प्रधान भी चिकित्सकों के सैलरी को लेकर किए आंदोलन के दौरान दे चुके थे। अब दस दिन बीत जाने के बाद भी हरियाणा कमेटी यह तय नहीं कर पाई है कि आखिर आम सभा की बैठक कब होगी।
हालांकि कमेटी प्रधान जगदीश सिंह झींडा संस्थान के चिकित्सकों व अन्य कर्मियों को पहले की तरह एसजीपीसी की ओर से हालात अनुकूल होने तक सैलरी जारी रखने की अपील कर चुके हैं लेकिन हरियाणा कमेटी की ओर से बोर्ड गठित न हो पाने व आम सभा की बैठक में भी कोई फैसला न लिए जाने के चलते संशय बना हुआ है। उधर कमेटी अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा का कहना है कि तकनीकी दिक्कतें हैं, जिन्हें दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। तब तक एसजीपीसी को पहले की तरह सेवा जारी रखे जाने की अपील की गई है।