Space rover will not turn while walking on the planet, design ready
- फोटो : Kurukshetra
कुरुक्षेत्र। चांद और मंगल ग्रह पर चलने के लिए 11वीं कक्षा के एक विद्यार्थी ने स्पेस रोवर का एक बेहतरीन मॉडल तैयार किया है। यह स्पेस रोवर हर प्रकार की स्थिति और मौसम में काम करता रहेगा। खास बात यह है कि यह रोवर को इस ढंग से तैयार किया गया है कि यह किसी भी स्थिति में जमीन पर नहीं पलटेगा। अगर यह किसी कारणवश पलट भी गया तो अपनी क्षमता के आधार तुरंत सीधा हो जाएगा। इस मॉडल को बनाने में करीब तीन हजार रुपये खर्च हुए हैं तथा 15 दिनों की मेहनत के बाद इसे बनाया गया है। हालांकि इसका डिजाइन तैयार करने में दो साल से ज्यादा का समय लग गया।
पैनोरमा एवं विज्ञान केंद्र में राष्ट्रीय विज्ञान सप्ताह के तहत लगे मेले में विज्डम वर्ल्ड स्कूल की ओर से इस स्पेस रोवर के मॉडल को प्रदर्शित किया गया। इस मॉडल को बनाने वाले साइंस विषय के विद्यार्थी अनिश कुमार ने बताया कि इस रोवर को उसने विक्रम साराभाई, भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक का नाम दिया है। यह रोवर हर स्थिति में काम करता रहेगा। स्पेस में यह रोवर किसी भी तूफान की जानकारी को पहले ही पकड़ सकता है। वहीं यह रोवर किसी भी स्थिति में पलट नहीं सकता है।
इस स्थिति से बचने के लिए उसने रोवर को खास ढंग से डिजाइन किया है। रोवर के दोनों ओर दो स्लैब लगाए गए हैं। ये दोनों स्लैब रोवर को पलटने नहीं देंगे, किसी कारण रोवर पलटने लगेगा तो ये स्लैब उस ओर खुल जाएगी और रोवर को पलटने से बचा लेंगी। फिर भी अगर किसी कारणवश रोवर पलट जाए तो ये स्लैब खुलकर उसे सीधा कर देंगी।
विक्रम लैंडर से संपर्क टूटा तो मॉडल बनाने का आया आइडिया
अनिश ने बताया कि करीब दो साल पहले इसरो के चंद्रयान-2 मिशन के तहत चांद पर भेजे विक्रम लैंडर का संपर्क टूटा तो उसने रोवर का नया बेहतरीन डिजाइन तैयार का आइडिया आया था। उस पर काम करते हुए उसने खुद रोवर का नया डिजाइन तैयार किया। पलटने और तूफान के कारण स्पेस में रोवर को काफी नुकसान पहुंचता है। इस कारण रोवर से धरती का संपर्क टूट जाता है, मगर उसके डिजाइन ने ये दोनों संभावनाएं खत्म कर दी है। वह इस डिजाइन को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) को भेंट करेगा।