कुरुक्षेत्र। एक सप्ताह बाद एक मार्च से राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छता सर्वेक्षण शुरू हो रहा है, जिसमें अगले 15 दिन तक ही धर्मनगरी की परीक्षा होने की संभावना जताई जा रही है, जिसके चलते नगर प्रशासन की सांसें फूली हुई हैं।
धरातल पर वास्तविकता से कोसों दूर होते हुए नगर प्रशासन की ओर से इस बार टॉप रैंकिंग में आने के दावे किए जा रहे हैं। इस संबंध में कुछ कदम भी उठाए गए हैं। इन दावों की हकीकत प्रदेश स्तर पर कुछ दिनों पहले ही किए गए गुप्त सर्वेक्षण में सामने आ गई है। इसमें नगर परिषद थानेसर को छठा रैंक मिल पाया है।
अब असल परीक्षा होनी है, जिसको लेकर नगर प्रशासन में हलचल मची हुई है। पिछले वर्षों में अब तक रहे बेहद खराब प्रदर्शन व सीएम सिटी होने के चलते नगर प्रशासन के समक्ष इस परीक्षा में खरा उतरना बड़ी चुनौती बना हुआ है। आधे-अधूरे इंतजाम के बीच टॉप रैंक हासिल करने के दावे किए जा रहे हैं।
इस परीक्षा में कचरे के सही निपटान से लेकर सार्वजनिक शौचालयों, नगर प्रशासन द्वारा उठाए जा रहे कदमों की परख की जानी है। इसी के चलते शुक्रवार को डीएमसी अमन वर्मा ने सफाई दरोगाओं से लेकर अधिकारियों से भी समीक्षा की तो वहीं एक दिन पहले ही संयुक्त निदेशक भी जायजा ले चुके हैं।
32 वार्डों पर 16 दरोगा : नगर प्रशासन संसाधनों की किल्लत भी झेल रहा है, यहां तक कि 32 वार्डों पर महज 16 सफाई दरोगा तैनात है। यहीं नहीं नप के पास महज 60 स्थाई सफाई कर्मी है जबकि 413 में से 120 कर्मी पे रोल पर तो 70 एचकेआरएन के तहत कार्यरत है। अब शहर के मुख्य रोड व उनके साथ लिंक रोडों की सफाई के लिए कर्मियाें की मांग को लेकर टेंडर लगाया गया है।
जगह-जगह कचरे के ढेर खोल रहे पोल : शहर में जगह-जगह कचरे के ढेर आज भी आम बात है। हालांकि कचरा बोरों में भरने के भी प्रयास किए गए लेकिन झांसा रोड, महादेव मंदिर के समीप, नया बस अड्डा के समीप, पलवल रोड सहित अनेक जगहों पर आज भी कचरे के ढेर दिखाई पड़ते हैं। सेक्टरों के एरिया के भी हालात फिलहाल बदतर ही है। यहीं नहीं शहर के मुख्य बाजारों व मुख्य सड़कों से सटे अधिकतर नाले आज भी कचरे से अटे हैं। इसके कारण काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। संा
कुरुक्षेत्र। ब्रह्मसरोवर के समीप स्थित रोड़ भवन। संवाद
कुरुक्षेत्र। ब्रह्मसरोवर के समीप स्थित रोड़ भवन। संवाद