संवाद न्यूज एजेंसी
इस्माईलाबाद (कुरुक्षेत्र)। ठोल-झांसा रोड पर गांव शांति नगर के पास एक बोलेरो ने कार को ओवरटेक करते हुए उसे साइड मार दी, जिससे कार बेकाबू होकर पेड़ से टकरा गई। इस दुर्घटना में कार में सवार नौ लोगों में से तीन वर्षीय बच्ची सहित ननद-भाभी की मौत हो गई, जबकि अन्य कार सवार लोग घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए कुरुक्षेत्र के निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया।
मृतकों की शिनाख्त चांद रानी (60), कमलेश रानी (58) वासी नरवाना व बच्ची गुणिका (3) के रूप में हुई है। यह परिवार अपनी बेटी के ससुर की रस्म क्रिया में शामिल होने अंबाला के मंजी साहिब गुरुद्वारा जा रहा था। पुलिस ने विशांत उर्फ विशू (चालक) के बयान पर बोलेरो चालक के खिलाफ मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए शवगृह में रखवा दिया हैै।
विशू वासी झांसा ने थाना झांसा में दी शिकायत में बताया कि वह अपनी कार में सवार होकर अपनी बहन के ससुर की रस्म क्रिया में शामिल होने अंबाला जा रहे थे। कार वह खुद चला रहा था। उसके साथ कार में उसका पिता चंद्र प्रकाश (आयु 60), ताई कमलेश देवी (60), भाभी पूनम उर्फ पलक (32), भतीजा आदर्श (11), सीमा (50), मां चांद रानी (60, गांव झांसा की पूर्व पंच), बुआ कमलेश रानी (58), भतीजी गुणिका (3) मौजूद थे। जैसे ही वे गांव शांति नगर के पास पहुंचे तो पीछे से एक तेज रफ्तार बोलेरो ने अचानक ओवरटेक करते समय उनकी कार को साइड मार दी, जिससे उनकी कार का संतुलन बिगड़ गया और कार पेड़ से जा टकराई।
इसमें कार में सवार सभी लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना को देखकर वहां पर काफी लोग एकत्रित हो गए और लोगों की मदद से उन्हें कुरुक्षेत्र के निजी अस्पताल दाखिल कराया। यहां पर उसकी मां चांद रानी, बुआ कमलेश रानी और भतीजी गुणिका को मृत घोषित कर दिया है। पुलिस ने शिकायत पर मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
उधर, झांसा थाना प्रभारी सतपाल सिंह ने बताया कि दुर्घटना की सूचना मिलते हुए पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। घायलों एंबुलेंस का प्रबंध कर कुरुक्षेत्र भेज दिया गया था। पुलिस ने शिकायत पर बोलेरो नंबर के आधार पर मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
पेड़ से नहीं टकराती तो नहर में गिर जाती कार
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। मायके आई कमलेश रानी (58) अपने परिजनों से जल्दी घर लौटने का वादा करके आई थी। उसे अपनी भतीजी के ससुर की रस्म क्रिया में शामिल होने मायके पक्ष के साथ अंबाला जाना था। उसे अपनी भतीजी से मिले भी लंबा वक्त हो गया था, मगर वह न तो अपनी भतीजी से मिल पाई और न ही अब कभी अपने घर लौट सकी।
उधर, घटनास्थल पर मौजूद लोगों का कहना है कि अगर कार पेड़ से नहीं टकराती तो नरवाना ब्रांच नहर में गिर जाती, जिससे कार में सवार सभी की जान को खतरा हो जाता। नरवाना ब्रांच नहर के दोनों तरफ कोई बाड़ और गिल नहीं लगाई है। आए दिन नहर में वाहन गिरने की घटनाएं सामने आती रहती है। इस महीने ही तीन मई को एक ऑल्टो कार नहर में गिर गई थी। इस दुर्घटना ऑल्टो कार सवार सतपाल सिंह (51) वासी काठगढ़ छप्परा (अंबाला) की मौत हो गई थी। कड़ी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने कार को नहर से बाहर निकाला था। इस दुर्घटना के बाद भी शासन और प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया। लोगों की मांग है कि सरकार को हाईवे के पास लगते हिस्सों पर बाड़ और ग्रिल लगवानी चाहिए ताकि कोई वाहन नहर में न गिर सके।
चंद्रप्रकाश का परिवार मां भगवती का भक्त
चंद्र प्रकाश का पूरा परिवार मां भगवती का भक्त है। चंद्र प्रकाश की गांव में दुर्गा भजन मंडली के नाम से एक जागरण पार्टी भी है। इस पार्टी में वह बतौर सचिव काम करते हैं तथा गायक भी है। चंद्र प्रकाश गांव में निशुल्क जागरण करते हैं। इसके अलावा समाजसेवा के कार्य में भी आगे रहते हैं।
पशु-पक्षियों के लिए खाने-पीने का प्रबंध करती थीं चांद रानी
गांव झांसा की 2011 से 2016 तक पंच रहीं चांद रानी को पशु-पक्षियों से बहुत प्यार था। वह अपने घर के बाहर पशुओं के लिए पानी और चारे का प्रबंध करके रखती थी। वहीं छत पर मिट्टी के बर्तन में पक्षियों के लिए दाना और पानी सुबह-शाम रखती थीं। भीषण गर्मी के बाद भी वह स्वयं पशु-पक्षियों के लिए चारे की व्यवस्था करती थीं।
चांदरानी की फाइल फोटो।- फोटो : Kurukshetra
झांसा ठोल रोड पर खड़ी क्षतिग्रस्त कार।- फोटो : Kurukshetra