कुरुक्षेत्र। पटियाला बैंक कॉलोनी में श्री शिव महापुराण कथा के दौरान प्रवचन करते आचार्य रमेश उनि
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कुरुक्षेत्र। अमीन रोड स्थित पटियाला बैंक कॉलोनी के मनोकामना सिद्ध श्री शिव मंदिर में श्री शिव महापुराण कथा के दौरान भक्ति प्रवचनों की शृंखला चली। आचार्य रमेश उनियाल (हरिद्वार) ने कथा का महात्म्य विस्तार से सुनाया।
व्यासपीठ से आचार्य ने कहा कि शिव महापुराण साक्षात शिव का ही स्वरूप है, जो भक्त को संसार के दुखों से निकालकर कल्याण के मार्ग पर ले जाता है। यह कलयुग में पापों के नाश, मन की शुद्धि और मोक्ष का सर्वोत्तम साधन है। भगवान शिव को संतुष्ट करने वाला अमृततुल्य शास्त्र है। जो भक्तों को कर्म-बंधन से मुक्त कर ज्ञान, वैराग्य और भक्ति प्रदान करता है।
उन्होंने बताया कि इसे सुनने से जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं और साधक को शिवलोक की प्राप्ति होती है। इसका श्रवण करने वाला पुरुष कर्मरूपी महावन को जलाकर संसार के बंधनों से मुक्त हो जाता है। इसमें दुराचारी व्यक्तियों को भी पवित्र करने की शक्ति निहित है। कलयुग में मनुष्यों के कल्याण का सबसे सरल और उत्तम साधन है। भक्तिपूर्वक शिव महापुराण सुनने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सुख-शांति आती है। सत्य, धर्म, करुणा, संयम और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है जिससे मन निर्मल हो जाता है।
उन्होंने कहा कि श्रवण और शिव नाम संकीर्तन कल्पवृक्ष के समान फल देने वाला है, जो अंततः जीव को शिवत्व प्रदान करता है।
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