संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। कोरोना वायरस की दूसरी लहर इस कदर कहर बरपा रही है कि हर रोज कोरोना संक्रमित दम तोड़ रहे हैं। बुधवार को भी विभिन्न अस्पतालों में दाखिल सात कोरोना पॉजिटिव मरीजों ने दम तोड़ दिया है। उधर, स्वास्थ्य विभाग ने भी कोरोना वायरस से होने वाली चार मौत की पुष्टि की है।
जिनमें गांव गढ़ी रोड़ान कुरुक्षेत्र निवासी 36 वर्षीय महिला, गांव समालखा लाडवा निवासी 29 वर्षीय महिला, गांव बोधनी पिहोवा निवासी 48 वर्षीय महिला, फौजी प्लाट वार्ड-14 पिहोवा निवासी 65 वर्षीय व्यक्ति और गांव झंडौला निवासी 41 वर्षीय महिला शामिल है।
कुरुक्षेत्र में कोरोना से होने वाली मौत का आंकड़ा 231 तक पहुंच गया है। रोजाना बढ़ रही मृत्युदर को स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन लाख दावों के बावजूद भी नियंत्रण करने में नाकाम साबित हो रहा है। कोरोना पॉजिटिव मरीजों बेहतर उपचार के अभाव में दम तोड़ रहे हैं। हालात ऐसे बने हुए हैं कि कोरोना काल में जिला स्वास्थ्य विभाग को मिले पहले चार तो अब पांच कुल नौ वेंटिलेटर उपलब्ध कराए जा चुके हैं, लेकिन विभाग के आईसीयू को अभी भी ताले लटक रहे हैं। विभाग के पास न कोई विशेषज्ञ है और न ही कोई योजना।
जिला सिविल सर्जन डॉ. संत लाल वर्मा का कहा कि कुरुक्षेत्र में कोरोना की जंग जीतने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बुधवार को भी 204 मरीजों को ठीक होने पर अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया है, लेकिन इसके साथ ही कुरुक्षेत्र में एक डॉक्टर सहित 295 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आए हैं।
अब तक कुरुक्षेत्र में 19 हजार 373 पॉजिटिव केस सामने आ चुके है। इनमें से 16 हजार 549 मरीज कोरोना को मात देकर सकुशल वापस लौट चुके हैं। सीएमओ ने बताया कि कुरुक्षेत्र में बुधवार को कोरोना वायरस के 2593 एक्टिव केस दर्ज किए गए और कुरुक्षेत्र में कोरोना की जंग जीतने वाले मरीजों का रिकवरी रेट 85.42 फीसदी पहुंच गया है, लेकिन बढ़ते कोरोना के प्रकोप के चलते कोरोना पॉजिटिविटी रेट की दर 6.14 फीसदी तक पहुंच गई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभी तक लिए गए 317923 में से 295685 सैंपलों की रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है।
उधर, कोरोना से मृत्यु दर भी बढ़कर 1.19 फीसदी तक पहुंच गई है। बुधवार को जिलेभर में कोरोना एक्टिव केस 2593 दर्ज किए गए। इनमें से 56 मरीजों को एलएनजेपी अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड और 677 मरीजों की स्थिति नाजुक होने के चलते अन्य निजी व सरकारी अस्पतालों में दाखिल किया गया है और सामान्य लक्षण वाले 1860 मरीजों को होम आइसोलेट किया गया है