संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। संकट काल में स्वास्थ्य विभाग की बुधवार को एक और लापरवाही सामने आई। कोरोना जांच कराने पहुंची वशिष्ठ कॉलोनी वासी 67 वर्षीय राजदुलारी को 32 वर्षीय महिला की रिपोर्ट थमा घर भेज दिया गया। करीब एक घंटे बाद जब विभाग के कर्मचारी को इसकी इस बारे पता चला तो उसने सैंपल के दौरान दर्ज कराए नंबर पर कॉल कर रिपोर्ट वापस करने को कहा।
बुजुर्ग महिला के पुत्र पंकज कुमार ने कहा कि महामारी के दौर में इस प्रकार की लापरवाही करना ठीक नहीं है। वशिष्ठ कॉलोनी वासी पंकज कुमार ने बताया कि वह पिहोवा के राजकीय कन्या विद्यालय में लेक्चरर है। बुधवार को वह अपनी माता राजदुलारी की कोरोना जांच कराने के लिए दोपहर करीब दो बजे उन्हें एलएनजेपी अस्पताल लेकर गया था। यहां उनका रैपिड टेस्ट किया। करीब 20 मिनट बाद ही उन्हें रिपोर्ट लेने के बुलाया और वहां पर बैठे कर्मचारी ने रिपोर्ट निगेटिव कहते हुए उन्हें स्लिप थमा दी।
उन्होंने रिपोर्ट को बिना देखे जेब में डाला और माता को लेकर घर आ गए। तभी तीन बजकर 37 मिनट पर एक नंबर से उनके पास एक कॉल आई और सामने से कहा कि वह एलएनजेपी अस्पताल से बोल रहे हैं। आप गलत स्लिप लेकर चले गए हैं। यह स्लिप उन्हें वापस जमा कराएं तभी उनकी रिपोर्ट दे जाएगी। पंकज ने बताया कि उन्होंने तुरंत अपनी जेब से उस स्लिप को निकालकर देखा तो वह गोशाला बाजार वासी 32 वर्षीय किसी रजनी दिवाकर की थी। हालांकि यह रिपोर्ट भी निगेटिव थी।
पंकज कुमार ने कहा कि इस गंभीर माहौल में इस प्रकार की लापरवाही ठीक नहीं है। यदि उनकी माता की रिपोर्ट पॉजिटिव होती और वह कर्मचारियों अनुसार निगेटिव कहे जाने पर उन्हें सीधा घर ले आते तो यह खतरनाक साबित हो सकता था। घर में छोटे बच्चे हैं जो हमेशा उनके साथ खेलते रहते हैं। प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि गलत रिपोर्ट दिए जाने से लोगों को परेशानी तो होगी ही।