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सीनियर हॉकी खिलाड़ी ने रेलवे कोच पर लगाया टीम ने बाहर करने का आरोप

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हरियाणा की टीम से खेल चुकी सीनियर हॉकी खिलाड़ी ने रेलवे कोच पर भेदभाव करके उसे यूपी में होने वाली नेशनल गेम से बाहर निकालने का आरोप लगाया है। खिलाड़ी ने खेल राज्यमंत्री संदीप सिंह को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। उसका आरोप है कि रेलवे कोच ने उसकी जगह अन्य खिलाड़ी को टीम में जगह दी, जबकि उसका फाइनल ट्रायल के बाद टीम में चयन हुआ था। उसे 19 अक्तूबर को गेम के लिए सोनीपत बुलाया था। यहां पहुंचने पर उसे बिना कारण बताए टीम से बाहर कर दिया।
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कुरुक्षेत्र की परशुराम कॉलोनी की हॉकी खिलाड़ी शैलजा गौतम ने खेल मंत्री को भेजी शिकायत में बताया कि पहले वह स्टील प्लांट स्पोर्ट्स बोर्ड छत्तीसगढ़ की तरफ से खेलती थी। बाद में उसने कुरुक्षेत्र से हरियाणा की टीम में खेलना शुरू कर दिया। इस फरवरी सोनीपत में हुई स्टेट चैंपियनशिप में उनकी टीम तीसरे स्थान पर रही थी। टूर्नामेंट के बाद नेशनल गेम के लिए ट्रायल होने थे। पहले ट्रायल के बाद उसने फाइनल ट्रायल भी दिया था, जो 15 अक्तूबर से 18 अक्तूबर तक सोनीपत में हुए थे। फाइनल ट्रायल के बाद साईं प्रभारी एवं कोच गुरविंद्र सिंह ने जानकारी दी कि 21 अक्तूबर से 31 अक्तूबर तक यूपी के झांसी में होने वाली सीनियर नेशनल हॉकी वूमेन टूर्नामेंट में उसका चयन हुआ था। उसे19 अक्तूबर को उसे सोनीपत में रिपोर्ट करनी थी। मंगलवार को जब वह सोनीपत पहुंची तो उसे एक खिलाड़ी ने जानकारी दी कि उसकी जगह किसी अन्य खिलाड़ी को जगह दी गई है। आरोप लगाया कि रेलवे कोच ने बिना कोई कारण बताए उसे टीम से बाहर कर दिया। कोच ने ट्रायल के बाद 19 लड़कियों को सोनीपत बुलाया था, जिसमें उसका नाम भी शामिल था, लेकिन खेलने जाने से पहले से टीम ने बाहर निकाल दिया। इस मामले के संबंध में साईं कोच गुरविंद्र सिंह ने बताया कि शैलजा को ट्रायल के लिए बुलाया था। उसे टीम से बाहर क्यों किया गया इसकी जानकारी रेलवे कोच व चयनकर्ता ही देंगे।
अब सरकार रखेगी ऐसी फाउंडेशन पर नजर
इस मामले को लेकर खेल राज्यमंत्री संदीप सिंह ने बताया कि देशभर में कई फाउंडेशन है, जो इस तरह के आयोजन कराती हैं। खिलाड़ी की ओर से उनको शिकायत भेजी गई है। इस मामले की जांच कराई जाएगी। शिकायत मिलने पर वह रेलवे विभाग से कोच के बारे में पूरी जानकारी जुटाएंगे। उसके बाद कार्रवाई की जाएगी। वहीं सरकार की ओर से ऐसी फाउंडेशन की पावर छीन ली जाएगी। अब इन फाउंडेशन पर सरकार की नजर रहेगी ताकि किसी खिलाड़ी का करियर चौपट न कर सकें।
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