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विरोध बढ़ता देख केयू प्रशासन को वापस लिया फैसला

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कुरुक्षेत्र। केयू में वीसी कार्यालय के बाहर रोष जताती छात्राएं। - फोटो : Kurukshetra
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कुरुक्षेत्र। छात्रों के विरोध के चलते हॉस्टल फीस की दूसरी किस्त 30 अप्रैल तक जमा कराने के निर्देश कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय प्रशासन को वापस लेने पड़े। हॉस्टल फीस की दूसरी किस्त के विरोध में उतरे छात्र-छात्राओं ने शुक्रवार को कुलपति कार्यालय का घेराव किया। इतना ही नहीं, भारी संख्या में यहां एकत्रित विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विद्यार्थी मांग पूरी न होने तक धरने पर डटे रहे।
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उन्होंने बिना लंच किए शाम करीब छह बजे तक धरना जारी रखा। धरना स्थल पर पहुंचे डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. अनिल वशिष्ठ, चीफ वार्डन प्रो. नीलम ढांडा और मुख्य सुरक्षा अधिकारी प्रो. सीआर जिलोवा सहित अन्य अधिकारियों ने विद्यार्थियों को शांत कराने का पूरा प्रयास किया लेकिन विद्यार्थियों ने मांगें पूरी होने के बाद ही आंदोलन समाप्त करने ऐलान कर दिया।
दरअसल, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा गत दिवस एक नोटिस जारी किया गया था, जिसमें छात्रावास में रह रहे विद्यार्थियों को 30 अप्रैल तक हॉस्टल फीस की दूसरी किस्त (करीब नौ हजार रुपये) जमा कराने के निर्देश दिए गए थे, जिसके विरोध में विद्यार्थियों ने बृहस्पतिवार रात आठ से शुक्रवार सुबह छह बजे तक महिला व पुरुष छात्रावास में धरना देते हुए विवि प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की थी। छात्राओं का कहना है कि कोविड काल में हॉस्टल बंद होने के चलते ज्यादातर छात्राएं अपने घरों में रहीं और उन्होंने घर रहते हुए ऑनलाइन पढ़ाई की। अब विवि हॉस्टल फीस की दूसरी किस्त के रूप में करीब नौ हजार रुपये जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। केयू महिला छात्रावास की चीफ वार्डन प्रो. नीलम ढांडा ने कहा कि विवि प्रशासन ने विद्यार्थियों की मांगें मान ली हैं। बताया कि कोविड कॉल के दौरान हॉस्टल फीस पहले एडजस्ट की गई थी,लेकिन विद्यार्थियों के हितों में फैसला लेते हुए अब थोड़ी और राहत दी गई है।
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