हरियाणा के बिजली मंत्री चौधरी रणजीत सिंह चौटाला ने कहा कि कई बड़े समूहों ने करार तोड़ दिया है, जिस वजह से अचानक बिजली संकट गहरा गया है। उन्होंने दावा किया है कि आगामी चार दिनों में बिजली संकट का निवारण हो जाएगा। अभी भी सूबे में 17 फीसदी अधिक बिजली की सप्लाई हो रही है।
बिजली मंत्री वीरवार को इस्माईलाबाद पहुंचे हुए थे और बाईपास के पास एक पेट्रोल पंप पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि केंद्रीय पूल में अटकी सात सौ मेगावाट बिजली मिल जाती तो प्रदेश में बिजली संकट नहीं रहता। इसके अलावा कई समूह बिजली को लेकर हुए अपने करार से मुकर गए हैं। बावजूद सरकार प्रदेश में बिजली की कमी को पूरा करने का प्रयास कर रही है। आने वाले चार दिन में बिजली संकट का निवारण हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि दिल्ली से केंद्रीय पूल की सात सौ मेगावाट बिजली का मामला कोर्ट में विचाराधीन है। वहीं करीब 14 सौ मेगावाट बिजली का करार टूटा है। बीते साल की अपेक्षा इस समय 17 फीसदी बिजली अधिक दी जा रही है मगर फिर भी मौजूदा हालातों में कमी का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली से काफी उद्योग धंधे हरियाणा में आ गए हैं। गुरुग्राम, फरीदाबाद और पलवल सहित आसपास के इलाके में नए उद्योग लगने से बिजली की खपत बढ़ी है। इसके साथ ही बड़े प्रतिष्ठानों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि कि लाइन लॉस 31 प्रतिशत से घटकर 13 प्रतिशत ही रह गया है। इसके बाद भी चोरी रोकने पर लगातार लगाम कसी जा रही है। डार्क जोन में ट्यूबवेल के बिजली कनेक्शन नहीं दिए जा रहे हैं। महेंद्रगढ़ में पेयजल धरती से 1200 फुट नीचे जा चुका है। ऐसे में एक सौ फुट से अधिक वाले इलाके को डार्क जोन में शामिल कर लिया गया है। जहां-जहां एरिया डार्क जोन से बाहर होगा वहां बिजली कनेक्शन दिए जाएंगे। इस मौके पर विनोद कंसल टोनी, राहुल कंसल, साहिल कंसल, राजेश, बलजीत सहित अन्य मौजूद रहे।