लाडवा। आरटीआई कार्यकर्ता कुलदीप सैनी।
लाडवा। खेड़ी दाबदालान गांव के सरपंच पर आरटीआई कार्यकर्ता कुलदीप सैनी ने पेड़ों की कटाई के बाद संबंधित पैसे को हड़पने का आरोप लगाया है। एक साल से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी पंचायती पैसा सरकारी फंड में जमा नहीं करवाया। अब इस मामले की जांच नायब तहसीलदार करेंगे।
कुलदीप ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरपंच द्वारा एक साल पहले हड्डी रोड़ा की जमीन व सरकारी स्कूल से 15 से 20 पेड़ों को कटवाया था और उनकी बोली कर बकायदा बेचा गया। उसके बाद लगभग पौने दो लाख रुपए को सरकारी फंड में जमा नहीं कराए। आरटीआई के माध्यम से जानकारी ली तो उसे पता चला कि न कोई प्रस्ताव डाला गया न ही वन विभाग से इन पेड़ों की वैल्यूवेशन व अनुमति ली गई।
कुलदीप ने ये भी आरोप लगाए कि 20 दिसंबर 2024 को एक प्रस्ताव डाला, जिसमें सरकारी स्कूल से व जलघर से 82 पेड़ों को काटने बारे लिखा गया और इसी से संबंधित एक पत्र बीडीपीओ लाडवा द्वारा उपायुक्त को 23 जनवरी 2025 को लिखा गया। इन पेड़ों को काटने के बारे मेंआज तक भी पंचायत को कोई अनुमति नहीं दी गई। उसके द्वारा इस संबंध में एक शिकायत बीडीपीओ लाडवा को की गई।
उधर सरपंच बलजोर सिंह ने माना कि उन्होंने पेड़ों की बोली से जो पैसा प्राप्त हुआ था वह पैसा सरकारी खजाने में जमा न करवा कर ग्रामीणों की सहमति से अपने पास रख लिया था। बीडीपीओ साहब सिंह ने संपर्क करने पर बताया कि सरपंच द्वारा वन विभाग से परमिशन नहीं ली गई है। उन्होंने इस मामले से संबंधित अपने उच्च अधिकारियों को जानकारी दे दी है।
जांच के बाद होगी कार्रवाई : एसडीएम
उपमंडल अधिकारी पंकज सेतिया ने कहा कि उन्हें खेड़ी दाबदलान गांव में पेड़ों के काटने तथा पैसों के हेर फेर की जानकारी मिली थी। नायब तहसीलदार बलकार सिंह को जांच का जिम्मा सौंपा गया है। जांच के बाद जो भी आरोपी होगा उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लाडवा। आरटीआई कार्यकर्ता कुलदीप सैनी।