रोडवेज के चालक एक बार फिर से एंबुलेंस के स्टेयरिंग संभालेंगे। इसके लिए रोडवेज विभाग ने चालकों की छटनी भी कर दी है। जिले में मंगलवार से रोडवेज के चालक एंबुलेंस पर अपनी ड्यूटी संभाल सकते हैं। दरअसल, डेंगू, मलेरिया और बढ़ते कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। इस विभाग ने अभी से अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। अपने स्तर पर तैयारी शुरू करने के साथ विभाग ने परिवहन विभाग से भी मदद मांगी है।
इसी के चलते विभाग ने परिवहन विभाग को एंबुलेंस चलाने के लिए चालकों को भेजने की मांग रखी है। इसके लिए विभाग की ओर से बाकायदा परिवहन विभाग को एक पत्र भी जारी किया गया है, जिसमें पूरे प्रदेश में एंबुलेंस पर चालकों की मांग भेजी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने कुरुक्षेत्र डिपो से 16 चालक एंबुलेंस चलाने के लिए मांगे हैं, जिसमें अंबाला के लिए नौ तथा एलएनजेपी अस्पताल के लिए सात चालक शामिल है। कुरुक्षेत्र डिपो की ओर से 16 चालकों की लिस्ट स्वास्थ्य विभाग को सौंप दी है।
उल्लेखनीय है कि पिछले साल भी कुरुक्षेत्र डिपो की ओर से चालकों को एंबुलेंस चलाने के लिए भेजा था। इस दौरान इन चालकों ने करीब साढ़े चार माह तक एंबुलेंस पर अपनी सेवाएं दी थी, मगर इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन चालकों को कोई भी रेस्ट नहीं दिया गया था। इससे इन चालकों में दोनों विभाग के खिलाफ रोष पनप रहा था। इसके लिए इन चालकों ने रोडवेज अधिकारियों से दोबारा रोडवेज में ड्यूटी संभालने पर रेस्ट और भुगतान की मांग रखी थी, मगर इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया।
रोडवेज महाप्रबंधक अशोक मुंजाल ने बताया कि कुरुक्षेत्र डिपो से एंबुलेंस पर सेवाएं देने के लिए 16 कर्मियों को चयनित किया गया है। वहीं पिछले साल की भांति रोडवेज कर्मियों को रेस्ट के लिए कोई परेशानी न हो उसके लिए स्वास्थ्य विभाग को चेताया गया है। अब विभाग अपने स्तर पर इन चालकों का सप्ताह में एक दिन रेस्ट तय करेगा। वहीं पिछले साल के मामले को लेकर भी विभाग से पत्राचार किया गया है।