एक साल पहले शहर की जो मंडी और बाजार करीब 30 साल पुराने कब्जों से मुक्त हुए थे, अधिकारियों की अनदेखी के कारण यहां फिर से कब्जाधारियों के हौसले बुलंद हो गए हैं। सड़क पर फिर से 20-20 फुट तक कब्जा जमा लिया गया है। थानेसर बाजार स्थित पुरानी सब्जी मंडी की करीब 70 फुट चौड़ी सड़क सिमट कर 25 से 35 फुट रह गई है। वहीं, बाजार में दुकान के सामान को सीमा में रखने के लिए लगाई गई पीली पट्टी भी पूरी तरह से गायब हो चुकी है।
हैरानी की बात तो यह है कि नगर परिषद कार्यालय इसी बाजार में स्थित होने के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। पिछले कई माह से नगर परिषद की ओर से अतिक्रमण को हटाने के चलाया गया अभियान नजर नहीं आया। हालात ऐसे हो गए हैं कि मंडी और बाजार में सारा दिन जाम लगा रहता है। व्यवस्था बनाए रखने के लिए यहां पुलिस तो तैनात रहती है, लेकिन स्थिति फिर भी खराब ही नजर आती है। ऐसे हालात तब हैं जब सड़क सुरक्षा को लेकर आयोजित बैठकों में हर बार शहर की सड़कों को अतिक्रमण मुक्त करने की आदेश जारी किए जाते हैं।
फिलहाल 26 अगस्त को हुई बैठक में भी उपायुक्त मुकुल कुमार ने नगर परिषद सहित अन्य विभागों को सड़कों के दोनों तरफ अतिक्रमण हटाने के सख्त आदेश दिए थे। आज 10 दिन बीत जाने के बाद भी नप सहित अन्य कोई विभाग कार्रवाई करता नजर नहीं आया।
थानेसर बाजार, मोहन नगर बाजार, रेलवे रोड, सलारपुर रोड, झांसा रोड, पुराना बाईपास, पिहोवा रोड, सेक्टर-13, 17 मार्केट और पिपली-थर्ड गेट रोड पर समस्या फिर से विकराल रूप लेती जा रही है। पिछले साल तत्कालीन उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा के आदेश पर जिला को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए लगातार 25 दिन युद्ध स्तर पर अभियान चलाया गया था। इस दौरान करीब डेढ़ माह में 30 साल से भी ज्यादा पुराने कब्जे सख्ती बरतते हुए हटवाए गए। राजनीतिक धौंस दिखाते हुए कई दुकानदारों ने इस कार्रवाई का विरोध भी किया, लेकिन अधिकारी पीछे नहीं हटे। हालांकि कुछ माह बाद उपायुक्त का तबादला हो गया, जिसके बाद धीरे-धीरे स्थिति फिर से पहले जैसी हो गई। संवाद
पीली पट्टी हुई गायब
पिछले साल जब बाजार अतिक्रमण मुक्त हो गए थे तो दुकानदारों को चेतावनी देते हुए दुकानों के आगे एक पीली पट्टी लगाई थी। इस पीली पट्टी से आगे यदि कोई दुकानदार सामान रखता था तो नगर परिषद उसे जब्त कर लेती थी। धीरे-धीरे यह पट्टी धूमिल होकर गायब ही हो गई। अब हालात फिर से बिगड़ गए हैं। सड़कों पर 20-20 फुट तक दुकानदारों ने अतिक्रमण कर लिया और इन पर अब कोई कार्रवाई भी नहीं की जा रही।
हर समय बनी रहती है जाम की स्थिति
बाजार के अंदर और आसपास छह मोहल्ले, छह स्कूल, तीन बैंक, चार क्लीनिक और एक डाकखाना भी है। यहां पर पर दिनभर लोगों का आना जाना होता है। अतिक्रमण होने के कारण इतनी भीड़ में यहां जाम लग जाता है और वाहनों की कतार लग जाती है।
प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए
शहरवासी रवि ने कहा कि प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए। अगर कोई दुकानदार फिर से सड़क पर अतिक्रमण कर रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो। पिछले साल चलाए गए अभियान से कुछ दुकानदारों ने तो अपनी आदतों को सुधार कर लिया था। बाजार में कई दुकानें ऐसी भी हैं, जिन्होंने दुकान से बाहर एक भी सामान नहीं रखा हुआ।
बाजार से हटवाया जाएगा अतिक्रमण : बलबीर
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी बलबीर ने कहा कि नप की टीमें शहर में कई जगह से अतिक्रमण हटवाने में लगी हुई हैं। बाजार में भी अभियान चलाकर दुकानदारों द्वारा किया गया अतिक्रमण हटाया जाएगा। अभियान के दौरान दुकानदारों को दोबारा सामान बाहर न रखने की चेतावनी भी दी जा रही है।