संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। अदालत के आदेश पर 100 फुटा रोड के बीचोबीच अपने जमीन पर कब्जा लिए कांशीराम को एक सप्ताह हो चुका है। सड़क बंद होने के कारण पुलिस ने यातायात डायवर्ट किया हुआ है, जिस कारण शहरवासी परेशान हैं। रास्ता बंद होने का सबसे ज्यादा प्रभाव इस सड़क पर बनी करीब 30 दुकानों पर पड़ रहा है।
दुकानदारों का कहना है कि कामकाज पूरी तरह से ठप हो चुका है। पहले आते-जाते लोग उनकी दुकानों पर रुक जाते थे। अब सड़क बंद होने के चलते रूट डायवर्ट हैं। यह सड़क पूरी तरह से डेड हो चुकी है। उन्हें अब डर सताने लगा है कि प्रशासन ने जल्द ही कांशीराम से सेटलमेंट करके कोई हल नहीं निकाला तो उन्हें दुकान का किराया निकालना भी मुश्किल हो जाएगा। इस सड़क पर एक गुरुद्वारा और करीब 30 दुकानें बनी हुई हैं। उधर भूमि मालिक कांशीराम ने प्रशासन को फिर से एक दिन का अल्टीमेटम दिया है। कहा कि वह सेटलमेंट के लिए तैयार हैं, लेकिन प्रशासन ही सामने नहीं आ रहा।
पेंट व रंग रोगन की दुकान के मालिक विकास ने बताया कि सड़क बंद होने के चलते काम बिल्कुल ठप हो चुका है। सुबह से शाम तक ग्राहकों के इंतजार में बैठे रहते हैं। प्रशासन को इस मामले में जल्द से जल्द कोई हल निकालना चाहिए।
प्लाइवुड की दुकान करने वाले विक्रम ने बताया कि दुकान पर सिर्फ वहीं ग्राहक आ रहे हैं, जो उनके पुराने जानकार हैं। जब से सड़क बंद हुई है, नया ग्राहक इस ओर आता ही नहीं। रूट डायवर्ट होने के चलते लोग दूसरी सड़क से गुजर जाते हैं।
दिल्ली टायर प्लाजा के संचालक सागर ने बताया कि ग्राहकों को दुकान पर सर्किट हाउस या आगे चौक से घूमकर गलत दिशा से आना पड़ता है। पुलिस भी यहां तैनात रहती है, जिसके चलते चालान होने का डर बना रहता है।
कार बाजार का काम करने वाले जगदीश ने कहा कि पहले जहां शाम करीब सात बजे तक दुकान खुली रहती थी। अब सड़क बंद होने के कारण ग्राहकों की कमी के चलते छह बजे ही शटर डाउन कर घर चले जाते हैं।
एसआर कार बाजार के संचालक राजेश ने कहा कि बाहर खड़ी गाड़ियों को देखकर पहले चलते फिरते ग्राहक उनके पास आ जाते थे। अब इस सड़क पर ट्रैफिक बंद हो गया, जिस कारण काम भी खत्म सा हो गया।
हाई टच कार वॉशिंग सेंटर के संचालक अमन शर्मा ने बताया कि वाहन चालक सड़क से गुजरते हुए गाड़ियां वॉश होती देख खुद की गाड़ी धुलवाने का मन बना लेते हैं। रूट डायवर्ट होने से खर्चा निकालना भी मुश्किल हो गया है।
मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में है। उनकी ओर से जिस प्रकार का दिशा निर्देश आएगा, उस प्रकार से कार्यवाही की जाएगी। - दीपक कुमार, ईओ एचएसवीपी