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कुरुक्षेत्र: माता-पिता चलाते हैं खिलौनों की दुकान, बेटी रिया को मिला अमेरिका का बड़ा अवॉर्ड

Fri, 30 Oct 2020 10:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, कुरुक्षेत्र
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कुरुक्षेत्र की छात्रा रिया को आशीर्वाद देते माता-पिता। साथ में प्रो. सुषमा शर्मा। - फोटो : Kurukshetra
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अजय जौली, कुरुक्षेत्र। कामयाबी का जुनून जब साथ है तो मुश्किलों की क्या औकात है। ऐसा ही जुनून की बदौलत कुरुक्षेत्र की बेटी रिया को अमेरिका के महिला क्लब द्वारा अंतरराष्ट्रीय बालिका एक्सीलेंस अवार्ड 2020 से सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम ऑनलाइन डिजीटल प्लेटफार्म पर आयोजित किया गया था। जिसमें कुरुक्षेत्र की रिया सहित आठ देश की 28 युवतियों को अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इन 28 युवतियों में भारत से नौ, हरियाणा से दो और कुरुक्षेत्र से एक युवती (रिया) का चयन हुआ। रिया को यह अवार्ड आर्थिक तंगी के बीच अपनी पढ़ाई को अच्छे ढंग से जारी रखने और हर कक्षा में अव्वल रहने के साथ-साथ उसके सामाजिक कार्यों को देखते हुए दिया गया।
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17 वर्षीय रिया राजकीय कन्या महाविद्यालय पलवल में बीकॉम प्रथम वर्ष की छात्रा है, उसके पिता अशोक कुमार और माता नीलम रानी ब्रह्मसरोवर के बाहर खिलौने की दुकान लगाते हैं। पिछले 20 साल से वह परिवार के साथ ब्रह्मसरोवर के सामने ही किराये की एक छोटी सी 15/20 साइज की दुकान में ही रही है। रिया मां निलम रानी ने बताया कि रिया की इस उपलब्धि पर उन्हें बहुत खुशी हुई है। उनके दो बच्चे हैं जिसमें रिया बड़ी और और छोटा बेटा गौरव आठवीं कक्षा में पढ़ता है। घर के आर्थिक हालात ठीक न होने के बावजूद भी उन्होंने बच्चों की हर ख्वाहिश पूरी की। रिया ने इस अवार्ड का श्रेय उदयन शालिनी संस्था को दिया।

उदयन शालिनी की संयोजिका प्रो. सुषमा शर्मा ने बताया कि यह कुरुक्षेत्र चैप्टर के लिए यह एक स्वर्णिम अवसर है, जब रिया को विश्वभर से चयनित लड़कियों के साथ अंतरराष्ट्रीय बालिका एक्सीलेंस अवार्ड 2020 से सम्मानित किया गया। इसमें वीपीएस महिला विश्वविद्यालय की कुलपति डा. सुषमा यादव ने मुख्यातिथि की भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि इंटरनेशन वूमेन क्लब (आईडब्लयूसी) का उद्देश्य विश्व स्तर पर महिलाओं व बालिकाओं को शिक्षा द्वारा भारत व विश्व स्तर पर नेतृत्व के लिए तैयार करना है। आईडब्लूसी का लक्ष्य स्वस्थ समाज का निर्माण करना है, जहां पर महिलाओं के प्रति हिंसा न हों। आईडब्ल्यूसी भावी पीढ़ी की महिलाओं और बालिकाओं को कानूनी अधिकारी परिचित कराकर भविष्य में नेतृत्व के लिए तैयार करना है। डॉ. सुषमा ने बताया कि वह भी आईडब्ल्यूसी की सदस्य है। उनके द्वारा ही क्लब में रिया का नाम प्रेषित किया गया।
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20 साल से किराये की छोटी सी दुकान में रह रहा परिवार
अंतरराष्ट्रीय अवार्ड के सम्मानित रिया अपने माता-पिता और छोटे भाई के साथ ब्रह्मसरोवर के सामने एक छोटी सी दुकान में रहती है। रिया ने बताया कि जिस दुकान में रह रहे हैं यह भी किराये की है। मम्मी पापा सारा दिन खिलौने बेचते हैं। उसका सपना है कि वह बड़ी होकर सीए बने। तब वह अपने अपने मम्मी पापा के लिए एक घर बनाएगी।

फ्री में ट्यूशन पढ़ाती है रिया
रिया की सोच उसकी उम्र से बढ़कर है। उसका मानना है कि हम समाज में रह रहे हैं तो हमारा कर्तव्य बनता है कि हम समाज के लिए कुछ करें। रिया चौथी से लेकर दवसीं कक्षा के विद्यार्थियों को निशुल्क ट्यूशन पढ़ाती है। इसके साथ-साथ उसे कविताएं लिखने का भी शौक है। रिया ने कहा कि उदयन शालिनी में आकर उसने बहुत कुछ सीखा है।
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