कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की 123वीं एकेडमिक काउंसिल की बैठक कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में 51 महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई और उन्हेें सर्वसम्मति से पारित किया गया। इस दौरान कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के फॉरन लैंग्वेज विभाग में एसएफएस के तहत जापानी भाषा में सर्टिफिकेट कोर्स तथा प्रबंधन अध्ययन संस्थान में बीबीए आनर्स कोर्स शुरू करने की सिफारिश की गई है। इसके अलावा भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय, खानपुर कलां, सोनीपत के एमए हिस्ट्री एंड आर्कियोलॉजी कोर्स को केयू के एआईएच विभाग के एमए एआईएच कोर्स के बराबर मान्यता देने की सिफारिश की गई। इसके अलावा राजस्थान के चुरू स्थित ओपीजेएस विश्वविद्यालय के एमए अंग्रेजी कोर्स को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के एमए अंग्रेजी कोर्स के बराबर मान्यता देने की मंजूरी प्रदान की गई है।
बैठक में विश्वविद्यालय में यूजी/इंटीग्रेटेड कोर्स में शिक्षा ग्रहण कर रहे विदेशी विद्यार्थियों के लिए भाषा की समस्या को देखते हुए उनके लिए अंग्रेजी भाषा के एक विशेष पेपर की मंजूरी प्रदान की गई है। केयू के सभी विभागों के पाठ्यक्रमों में सीबीसीएस और एलओसीएफ प्रणाली सत्र 2021-22 से लागू करने की मंजूरी प्रदान की गई है। वहीं संबंधित कॉलेजों में एलओसीएफ प्रणाली लागू करने की सिफारिश की गई। कुलपति प्रो. सोमनाथ ने शिक्षा मंत्रालय द्वारा लागू नई शिक्षा नीति 2020 के विश्वविद्यालय में मार्च 2022 तक पूर्णतया क्रियान्वयन के लिए सभी शिक्षक व सदस्यों से महत्वपूर्ण योगदान देने की अपील की।
बैठक में यूआईईटी और माइक्रोसॉफ्ट कारपोरेशन इंडिया के बीच, यूआईईटी तथा सीवाईपीई इंजीनियर्स स्पेन, आईआईएचएस व लाला लाजपत राय यूनिवर्सिटी ऑफ वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज, हिसार के बीच हुए एमओयू को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही कोड कोशेंट प्राइवेट लिमिटेड पंजाब तथा केयू के कंप्यूटर साइंस एंड एप्लीकेशन विभाग के बीच एमओयू की सिफारिश की गई। इस एमओयू से सभी विद्यार्थियों तथा शिक्षकों के लिए ऑनलाइन कोडिंग प्लेटफार्म तथा पाठ्यक्रमों में सहायता मिलेगी। इसके साथ ही जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान तथा ऑफसेट प्रिंटर्स लुधियाना के बीच हुए समझौते को मंजूरी प्रदान की गई। इस अवसर पर कुलपति डॉ. सोमनाथ सचदेवा ने विश्वविद्यालय के विकास के लिए भविष्य की योजनाओं को क्रियान्वित करने के लिए चर्चा की। उन्होंने विश्वविद्यालय के पेंटेट की संख्या व शोध तथा शोध पत्रों की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए भी सभी से आह्वान किया। इस बैठक में कुलसचिव डॉ. संजीव शर्मा, डीन एकेडमिक अफेयर प्रो. मंजुला चौधरी, डीन ऑफ कॉलेज प्रो. अनिल वोहरा, सभी संकायों के अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, निदेशक, परीक्षा नियंत्रक सहित एकेडमिक काउंसिल के अन्य सदस्य मौजूद रहे।