Rangoli made of wood peel is attracting tourists
- फोटो : Kurukshetra
कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में आए शिल्पकार अपनी शिल्पकला से सबको अपनी ओर लुभा रहे हैं। महाभारत थीम पर आधारित एक रंगोली शिल्पकार पंकज, प्रवीण व विनय लकड़ी के छिलके से तैयार कर रहे हैं। यह रंगोली पुरुषोत्तमपुरा बाग में श्री कृष्ण-अर्जुन रथ के चारों ओर बनाई जा रही है। भीम की गदा, चक्रव्यूह, पांडवों के हथियार, युधिष्ठिर का भाला, हवन कुंड का दृश्य रंगोली में दिखाई देगा। श्रीकृष्ण-अर्जुन रथ के साथ इस रंगोली को पर्यटक अभी से ही अपने मोबाइल में कैद कर रहे हैं।
गीता महोत्सव में ब्रह्मसरोवर के पावन तट शिल्पकारों की शिल्पकला की गूंज दूसरे राज्यों में भी सुनने को मिल रही है। इसके साथ ही कई राज्यों से आए कलाकार अपने-अपने राज्यों की लोक संस्कृति को दिखाकर महोत्सव की शान बढ़ा रहे हैं। पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोग भी महोत्सव के भव्य आयोजन का लुत्फ उठा रहे हैं। सरस और क्राफ्ट मेले के साथ-साथ 9 दिसंबर से पुरुषोत्तमपुरा बाग में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों में दूसरे राज्यों से आए लोक कलाकार अपने-अपने राज्यों की लोक संस्कृति दिखाने का काम करेंगे। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव को लेकर पावन ब्रह्मसरोवर को रंग बिरंगी लाइटों से सजाया गया है। ब्रह्मसरोवर के पावन तट का आनंद लेने के लिए पर्यटक रात के समय में महोत्सव का भ्रमण करने पहुंच रहे हैं। यहां पर आने वाला प्रत्येक पर्यटक अपने साथ महोत्सव की पूरा गाथा लेकर जा रहा है।