संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। ‘किसी की जिंदगी में खुशियां भरकर तो देखो बदले में सैकड़ों दुआएं मिलेंगी’ कुछ ऐसी ही सोच के साथ लाडवा के संदीप गर्ग पिछले कई वर्षों से जरूरतमंदों की मदद कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने लाडवा में एक रसोई की शुरुआत की थी, जहां रोजाना 800 लोगों को पांच रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से भरपेट खाना दिया जाता है। उन्होंने 100 से ज्यादा जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को गोद भी लिया हुआ है, जिनकी पढ़ाई का सारा खर्च वह खुद वहन करते हैं। उन्होंने जरूरतमंद परिवारों की 35 बेटियों की शादियां भी करवाई हैं।
संदीप गर्ग का कहना है कि सेवा की ये प्रेरणा उन्हें अपने दादा सुरेंद्र नाथ गर्ग से मिली है। समाज के लिए उनके द्वारा किए गए अच्छे कार्यों को देख उनके मन में भी जरूरतमंदों के लिए कुछ कर गुजरने की तमन्ना जागी। वह हैल्पर्स सोसायटी शाहाबाद, लायंस क्लब, ब्लड बैंक शाहाबाद, रोटरी क्लब शाहाबाद, सहयोग फाउंडेशन, रोटरी क्लब बाबैन सहित कई संस्थाओं को सहयोग देते हैं।
संदीप गर्ग ने बताया कि वह अपने दादा की पुण्यतिथि पर 14 मई को एक रसोईघर की शुरुआत बाबैन में भी करने जा रहे हैं। यहां भी लाडवा रसोई की तरह पांच रुपये में लोगों को भरपेट खाना मिलेगा। इसके अलावा 28 जून से एक मोबाइल अस्पताल भी शुरू किया जाएगा। इसमें एक डॉक्टर व कुछ स्टाफ होगा जो हर रोज दो से तीन तीन गांवों में मेडिकल सुविधा उपलब्ध करवाएंगे।
पांच एंबुलेंस की भेंट
संदीप गर्ग द्वारा अलग-अलग समय पर स्वास्थ्य सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए पांच एंबुलेंस भी भेंट की जा चुकी हैं। इतना ही नहीं लॉकडाउन के समय में जब कई परिवारों के आगे खाने पीने का संकट खड़ा हो गया था तो संदीप गर्ग ने घर-घर भोजन पहुंचाने का नेक कार्य भी किया। उन्होंने लाडवा में अनाथ आश्रम के पास कॉलोनी में अपने निजी कोष से एक ट्रांसफार्मर भी लगवाया। यह उन कॉलोनी वासियों की लंबे समय से मांग थी। इसके साथ-साथ चौक पर मजदूरों के लिए शेड बनवाया और वहां पंखे व कूलर का इंतजाम भी करवाया।