जाट आरक्षण को लेकर फिर आंदोलन की चेतावनी दे चुके जाट समुदाय की कोर कमेटी की बैठक बृहस्पतिवार को हिसार में होनी है। मांगें पूरी करने के लिए 72 घंटे की समय सीमा बृहस्पतिवार को समाप्त हो रही है। ऐसे में फिर आंदोलन के अंदेशे से जिला और प्रशासन प्रशासन का तनाव बढ़ा दिया है। रेलवे ने भी सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने की कवायद शुरू कर दी है। रेलवे प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से 43 जीआरपी और आरपीएफ के जवानों को तैनात किया है। पुलिस प्रशासन ने भी खुफिया एजेंसी को अलर्ट कर दिया है। इधर हिसार में होने वाली बैठक में कुरुक्षेत्र से भी 10 सदस्यों को प्रतिनिधि मंडल शामिल होगा।
जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने दो दिन पहले प्रशासन को ज्ञापन दिया था। समिति ने आरक्षण लागू करने और जाट युवकों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेने के लिए 72 घंटों का समय दिया था। मांगें पूरी नहीं होने पर फिर से आंदोलन की चेतावनी प्रदेश में भी दी गई थी। यह समयावधि बृहस्पतिवार यानि आज समाप्त हो रही है। ऐसे में प्रशासन को भय है कि जाट 17 मार्च की रात से ही कुछ हलचल या जाम लगाने जैसे घटना को अंजाम दे सकते हैं। इसके लिए प्रशासन हालांकि पूरी तरह से सतर्क है, लेकिन प्रशासन का तनाव भी बढ़ गया है। इधर पुलिस प्रशासन ने अपने खुफिया तंत्र को भी सक्रिय कर दिया है। हालांकि पुलिस सूत्रों की मानें तो आंदोलन की शुरूआत यहां से नहीं होगी। यदि रोहतक, झज्जर, भिवानी कैथल या कही और से आंदोलन की शुरूआत होगी तो यहां भी तनाव बढ़ सकता है।
खुफिया तंत्र सक्रिय
सूत्रों की मानें तो पुलिस के आला अधिकारियों के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा हो चुकी है। इधर अधिकारियों ने खुफिया तंत्र को हर पल और हर मूवमेंट की खबर देने के लिए कहा है। जिले का खुफिया तंत्र पूरी तरह से सक्रिय हो गया है।
जीआरपी और आरपीएफ मुस्तैद
आंदोलन की आशंका को देखते हुए। रेलवे प्रशासन भी सतर्क हो गया है। अधिकारियों ने सभी रेल कर्मियों के साथ-साथ आरपीएफ और जीआरपी को भी अलर्ट रहने के लिए कहा है। जीआरपी और आरपीएफ ने अपने-अपने स्तर पर चौकसी बढ़ा दी है। जिसके तहत इस समय जीआरपी के 26 और आरपीएफ के 17 जवानों को कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन पर तैनात किया है। जीआरपी के एसएचओ ताराचंद के अनुसार जाट आरक्षण के मुद्दे पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई के लिए वे तैयार हैं। उन्होंने बताया कि उनके पास 16 एएसआई, 5 महिला कांस्टेबल, 4 कांस्टेबल सहित कुल 26 जीआरपी कर्मी है। उन्होंने बताया कि पिछली बार कैथल शहर के फाटक पर हल्का सा नुकसान हुआ था। उसकी भरपाई के लिए विभाग को सूचना दे दी गई है। जिन्होंने तोडफ़ोड़ की थी उनकी पहचान की जा रही है।
वहीं आरपीएफ के इंचार्ज नरेश ने बताया कि अधिकारियों से जाट आरक्षण को लेकर कुछ नए निर्देश नहीं आए हैं लेकिन एतियाहत के तौर पर वे सतर्क है। उनके पास कुल 16 कर्मचारी है। सभी को अलर्ट रहने के लिए कहा है। हम किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।
कोर कमेटी की बैठक में लिया जाएगा फैसला
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य आशीष फौजदार का कहना है कि जो भी रणनीति होगी वह बृहस्पतिवार को कोर कमेटी की बैठक में तय होगी। बैठक में जो भी निर्णय लिया जाएगा उसके आधार पर काम किया जाएगा। उनका कहना था कि प्रदेश स्तरीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के सदस्यों की बैठक में कुरुक्षेत्र से भी करीब 10 सदस्य बृहस्पतिवार को सुबह हिसार के लिए रवाना होंगे। उन्होंने कहा कि 17 मार्च शाम को 72 घंटे का अल्टीमेटम खत्म हो रहा है। जो भी कार्रवाई होगी 18 मार्च से ही होगी। फौजदार ने बताया कि अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति जिला अध्यक्ष लाभ सिंह घिसरपड़ी, प्रदेश उपाध्यक्ष टेक चंद हथिरा, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य बलदेव सिंह राठी के साथ अन्य 7 सदस्य जाट आरक्षण को लेकर बैठक में अपना पक्ष रखेंगे। यूनिवर्सिटी के गेट नंबर 3 और अन्य स्थानों पर जाम को लेकर उन्होंने कहा कि प्रदेश की कोर कमेटी जो फैसला लेगी उसकी अनुपालना की जाएगी। इसके अतिरिक्त कुछ भी नहीं किया जाएगा। हाईकमान के आदेशों को मानकर जाट आरक्षण को लेकर रणनीति पर फोकस किया जाएगा।
हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं : एसपी
इधर कुरुक्षेत्र के एसपी सिमरदीप सिंह ने कहा है कि पुलिस प्रशासन हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। कानून व्यवस्था को हाथ में लेने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। खुफिया विभाग को सक्रिय कर दिया है। हर मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है। हालांकि यहां के लोग समझदार है। यहां स्थिति शांतिप्रिय रहेगी, ऐसी उम्मीद है। यहां की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिसे बल की आवश्यकता भी नहीं है।