संवाद न्यूज एजेंसी
पिहोवा। अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के मौके पर डीएवी कॉलेज में पंजाबी विभाग की ओर से सेमिनार आयोजित किया गया। विभागाध्यक्ष डॉ. गुरप्रीत कौर ने बताया कि सेमीनार का विषय फले फूले हमारी पंजाबी बोली रहा। उन्होंने कहा कि पंजाबी भाषा लगभग 160 देशों में अपनी जड़ें फैला चुकी है।
वहां रहने वाले पंजाबी समुदाय के लोग भाषा के प्रचार प्रसार में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब में पंजाबी भाषा का प्रयोग करके गुरु साहिबान ने भारतीय संस्कृति को गौरवान्वित करने के साथ-साथ इसमें अलग-अलग संप्रदाय से संबंधित महापुरुषों की वाणी को भी शामिल किया है। जो सदैव प्रेम, सौहार्द और भाईचारे का संदेश देती है। प्रिंसिपल डॉ. कामदेव झा ने कहा कि जो लोग अपनी मातृभाषा का सम्मान नहीं करते। वे पतन की ओर बढ़ते हैं। अपनी संस्कृति और संस्कारों का सम्मान करना जरूरी है।
उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों ने पंजाबी भाषा की वर्णमाला पर पोस्टर एवं निबंध के जरिए अपने भाव प्रकट किए। बीए प्रथम वर्ष की छात्राओं ने कविता गान के साथ पंजाबी बोलियां गाकर माहौल को खुशनुमा बना दिया। इस मौके पर प्रो. गुरिंदर मक्कड़, प्रो. दीप किरण, डॉ. सुरेंद्र शर्मा, प्रो. अजय मोहन, डॉ. मंजू गुप्ता, प्रोफेसर मनोज कुमार व भानू प्रताप आदि मौजूद रहे।