कुरुक्षेत्र। भगवान श्रीकृष्ण की ओर से करीब 5161 वर्ष पूर्व धर्मनगरी कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर में महाभारत युद्ध के दौरान दिए गए गीता के अमर संदेश की सार्थकता को अब पूरी दुनिया स्वीकार करने को तैयार दिखाई देने लगी है। यही कारण है कि न केवल विदेशी धरती पर गीता के श्लोकों की गूंज सुनाई पड़ने लगी है बल्कि अनेक देश गीता संदेश के मर्म को आत्मसात करने के लिए आतुर हैं।
एक माह के दौरान ही एक साथ दुनिया के 51 देश गीता संदेश से आत्मसात होंगे। इसके लिए भारतीय विदेश मंत्रालय के पास सहमति आ चुकी है। इन देशों के दूतावासों व अन्य जगहों पर गीता आधारित खास प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी। साथ ही संबंधित देशों की संस्कृति की झलक दिखाने के लिए भी कार्यक्रम होंगे। कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड, प्रदेश सरकार व विदेश मंत्रालय ने पहले कुछ देशों तक यह पहल की थी और एक सप्ताह पहले तक 40 देश इस पर सहमति जता चुके थे। अब 11 और देशों ने भी गीता के इस मर्म को समझने व अपने-अपने देश में यह संदेश पहुंचाने के लिए खास आयोजन करने की तैयारी शुरू कर दी है।
अब इन देशों की सहमति मिली
हाल ही में कनाडा, फिजी, पोलैंड, यूथोपिया, न्यूजीलैंड, स्वीटजरलैंड, स्पेन सहित कई अन्य देशों की सहमति मिली है जबकि यूएसए, बैंकाॅक, यूके, किर्गीस्तान, मैक्सिको, यूगांडा, जर्मनी, रूस, चिल्ली, साउथ अफ्रिका, जापान, बांग्लादेश, भूटान, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया, हांगकांग, फिजी, लिथवानियां, हंगरी, बहरीन, डेनमार्क, इथोपिया, चाईना, घाना, स्वीटजरलैंड, जांबिया, स्पेन सहित कई अन्य देश पहले ही सहमति दे चुके हैं। 6 अक्तूबर को ऑॅस्ट्रेलिया में यह आयोजन किया जा चुका है।
2016 में बढ़े थे विदेशों की ओर कदम
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वर्ष 2016 में पहली बार मॉरिशस में महोत्सव मनाए जाने से शुरू हुआ यह सफर कनाडा, यूके, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और इंडोनेशिया तक पहुंच चुका है। वहीं अब 51 देश अपने-अपने स्तर पर गीता महोत्सव मनाने को तैयार हैं।
पूरी दुनिया में फैलेगा गीता संदेश, कुरुक्षेत्र की बढ़ेगी पहचान : उपेंद्र
केडीबी मानद सचिव उपेंद्र सिंघल का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गीता महोत्सव वर्ष 2016 में पहली बार मॉरिशस में मनाया था। अब तक छह देशों में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव मनाया जा चुका है। वहीं अब 51 देश अपने-अपने स्तर पर गीता पर आधारित आयोजन कर रहे हैं। ये सभी आयोजन 15 नवंबर से पहले ही पूरे किए जाने हैं। इन देशों में होने वाले आयोजन को ब्रह्मसरोवर तट पर मनाए जाने वाले गीता महोत्सव में भी प्रस्तुत किया जाएगा।