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Kurukshetra News: गुरनाम चढूनी को गिरफ्तार कराने की मांग पर अड़ीं खरीद एजेंसियां

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कुरुक्षेत्र। खरीद एजेंसियों द्वारा हड़ताल का ऐलान करते ही थानेसर अनाजमंडी में इस तरह थम गए धान 
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कुरुक्षेत्र। बारिश के बाद करीब 10 दिन से पटरी पर लौटने लगी धान खरीद व्यवस्था अब थप्पड़ कांड से फिर ठप हो गई है। खरीद एजेेंसियां गुरनाम चढूनी की गिरफ्तारी की मांग कर रही हैं। वहीं चढूनी ने कहा कि उनकी गिरफ्तारी की मांग की जा रही है जबकि वे तो पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके थे। उन्हें छोड़ा क्यों गया। उन्होंने कहा कि जो हालात बने हैं, उसके जिम्मेदार अधिकारी ही हैं। यहां तक कि उनके साथ की गई अंतिम बार बैठक में जो अधिकारियों की ओर से कहा गया, बाहर आकर कुछ और ही मिला।
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उन्होंने कहा कि उन्हें बताया गया कि आरओ खोल दिए गए हैं लेकिन आरओ खोलने के बजाय हड़ताल ही शुरू कर दी गई। उन्होंने डीएफएससी को चार्ज शीट किए जाने, उन्हें यहां से हटाने का भी भरोसा दिया गया लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। उन्होंने जिला उपायुक्त को शिकायत दे दी है जिसमें भी यहीं मांगें की गई हैं। चढूनी ने कहा कि अधिकारी राइस मिलर्स के साथ मिलकर किसानों को चूना लगाने में लगे हैं। उत्तर प्रदेश से लाखों क्विंटल धान लाया जा रहा है जिसकी कई गाड़ियां करनाल के बाॅर्डर पर शामली की ओर से आती हुई भाकियू ने पकड़ी हैं।
वहीं इस घटना के बाद दूसरे दिन वीरवार को भी न खरीद हुई, न उठान और न ही भुगतान। ऐसे में अनाज मंडियां धान से अटने लगी हैं और उठान के लिए लोड किए गए ट्रकों के पहिए भी थम गए हैं। खरीद एजेंसियां हड़ताल पर उतर आई हैं जिन्होंने डीएफएससी को थप्पड़ मारने के आरोपी भाकियू अध्यक्ष गुरनाम चढूनी की गिरफ्तारी व सुरक्षा की मांग के लिए कामकाज पूरी तरह से ठप रखा। बुधवार सुबह थप्पड़ कांड के कुछ समय बाद ही एजेंसिंया हड़ताल पर उतर आई थीं और पूरा दिन कामकाज ठप रखा था। वीरवार को भी एजेंसियों के जिलेभर के अधिकारी सचिवालय परिसर में ही धरने पर बैठे रहे।
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कुरुक्षेत्र। खरीद एजेंसियों द्वारा हड़ताल का ऐलान करते ही थानेसर अनाजमंडी में इस तरह थम गए धान 

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