कुरुक्षेत्र। जिला मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) डॉ. मोहिनी की अदालत ने कीटनाशक अधिनियम, 1968 के तहत दर्ज एक मामले में एमएस बायोस्टैड इंडिया लिमिटेड के क्वालिटी कंट्रोल प्रमुख जय कुमार सेढ़ा को दोषी करार दिया है। अदालत ने उन्हें साधारण कारावास के तौर पर कोर्ट की कार्रवाई तक खड़े रहने की सजा और 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है, जिसे आरोपी ने तुरंत जमा कर दिया।
यह मामला सब-डिविजनल कृषि अधिकारी पिहोवा की ओर से दायर शिकायत पर आधारित था। शिकायत में आरोप था कि 8 मार्च 2018 को पिहोवा की अनाज मंडी गेट स्थित एमएस संजीव एंटरप्राइजेज से थायमेथॉक्सम 25 प्रतिशत डब्ल्यूजी का सैंपल लिया गया था।
करनाल स्थित सीनियर एनालिस्ट क्वालिटी कंट्रोल लेबोरेटरी पेस्टीसाइड की ओर से इस सैंपल को मिस-ब्रांडेड घोषित किया गया था। जांच में पाया गया कि यह कीटनाशक इंसेक्टिसाइड एक्ट की धारा 17(1)(ए) और धारा 33 का उल्लंघन करता है, जो दंडनीय अपराध है। मामले में चार आरोपी शामिल थे। डीलर संजीव कुमार जिनकी मृत्यु हो चुकी थी, इसलिए इन पर 15 सितंबर 2025 को कार्यवाही समाप्त कर दी गई। बायोस्टैड इंडिया लिमिटेड कंपनी के क्वालिटी कंट्रोल अधिकारी जय कुमार सेढ़ा, एमएस बायोस्टैड इंडिया लिमिटेड आरोपी थे। ट्रायल के दौरान आरोपी जय कुमार सेढ़ा ने अपराध स्वीकार कर लिया।