कुरुक्षेत्र। ग्लालियर से कुरुक्षेत्र पहुंचे बच्चे को परिजनों को सौंपते हुए जीआरपी के एसआई नरेश।
कुरुक्षेत्र। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के बझेरा गांव का सातवीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा 14 वर्षीय बालक घरवालों से नाराज होकर बिना बताए 550 किलोमीटर की यात्रा कर कुरुक्षेत्र पहुंच गया। कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन पर भूख से रोते हुए उसे एक यात्री ने देखा, जिसके बाद उसे राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) को सौंपा गया। जीआरपी ने कार्रवाई करते हुए बच्चे के परिजनों से संपर्क कर उन्हें सूचित किया और मुलाकात करवाई। परिजनों के मुताबिक उन्होंने बेटे की पढ़ाई बेहतर हो सके, इसके लिए हॉस्टल में छोड़ दिया था लेकिन वह इसी बात से नाराज हो गया।
जांच अधिकारी उप-निरीक्षक नरेश ने बताया कि बच्चा अपने दोस्त के साथ घर से निकला था लेकिन दोस्त ट्रेन में चढ़ने से पहले लौट गया। धर्मेंद्र अकेले ही ट्रेन से कुरुक्षेत्र पहुंच गया। जांच के दौरान परिजनों से संपर्क पर पता चला कि उसके कुछ परिजन जम्मू-कश्मीर में मजदूरी करते हैं। परिजनों को सूचना देने पर वे जम्मू से कुरुक्षेत्र पहुंचे और बच्चे को अपने साथ ले गए। उप-निरीक्षक नरेश ने बताया कि प्रांरभिक पूछताछ में यही पता चला कि बच्चा हॉस्टल में छोड़े जाने से ही नाराज हो गया था। रेलवे स्टेशन पर भूख लगने पर वह रोने लगा, तभी एक यात्री ने उससे पूछताछ की और उसे जीआरपी को सौंप दिया। जीआरपी ने बच्चे की पहचान और परिजनों का पता लगाने के लिए तुरंत जांच शुरू की। परिजनों के आने तक बच्चे की देखभाल की गई और उन्हें सकुशल सौंप दिया गया।