मानसून से पहले ही बारिश ने प्रशासन के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। नालों के हालात ऐसे हैं कि इनकी सफाई जहां सिर्फ ऊपरी स्तर पर हो रही है, वहीं नालों में जमी सिल्ट (गाद) निकालने के लिए कोई बंदोबस्त नहीं है। बड़े नालों की सफाई के लिए मात्र डेढ़ सौ कर्मचारी ही लगाए गए हैं, जबकि हालात ऐसे हैं कि मशीनों से जब तक इन नालों की सफाई नहीं होती, हालात नहीं सुधरेंगे। ट्विन सिटी के बड़े नालों के हालात ही बता रहे हैं कि यदि जल्द ही इन नालों की तल तक सफाई न की गई, तो आसपास का इलाका डूबेगा।
मानसून से पहले नालों की सफाई को लेकर प्रशासन ने बेशक अभियान शुरू किया है, लेकिन सोमवार सायं हुई एक घंटे की बारिश ने दिखा दिया कि आने वाले मानसून सीजन में हालात ज्यादा नहीं बदलेंगे, यदि इन नालों की सफाई नीचे तक नहीं की गई। जिस तरह से नालों में गाद जमी है, उसे साफ करना सफाई कर्मचारियों के लिए आसान नहीं है। इसके लिए प्रशासन द्वारा मशीनों का इस्तेमाल करना होगा, ताकि मिट्टी की तरह जम चुकी इस गाद को निकाला जा सके।
इन नालों के कारण बिगड़ते हैं हालात
अंबाला कैंट का गुड़गुड़िया नाला, महेश नगर ड्रेन, अंबाला ड्रेन, कैंट बस स्टैंड के साथ से गुजरता नाला, कैंट राय मार्केट स्थित दुकानों के पीछे का नाला, हाथीखाना मंदिर व नन्हेड़ा क्षेत्र का नाला, काशी नंगर ड्रेन, जंडली ड्रेन, लक्ष्मी नगर ड्रेन, नसीरपुर, घेल ड्रेन आदि ऐसे नाले हैं, जिनके कारण मानूसन सीजन में आसपास का इलाका काफी प्रभावित होता है। हर साल इनकी सफाई के दावे किए जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद स्थिति नहीं सुधरती।
इन इलाकों में है खतरा
कैंट की टिंबर मार्केट, हाउसिंग बोर्ड कालोनी, बीडी फ्लोर मिल के पीछे का इलाका, गोविंद नगर के आसपास की करीब एक दर्जन कालोनियां, महेश नगर की कालोनियां, रामकिशन कालोनी के आसपास का इलाका, सिटी में डीसी आफिस के आसपास का इलाका, नदी मोहल्ला, कपड़ा मार्केट, मोटर मार्केट, जगाधरी गेट के आसपास का क्षेत्र, माडल टाउन, हुडा सेक्टर का कुछ इलाका, बलदेव नगर, नाहन हाउस, जैन नगर, पे्रम नगर, जंडली, कांवला ऐसे इलाके हैं, जहां पर झमाझम बारिश में जलभराव की जबरदस्त स्थिति होती है।
यह कहते हैं लोग
कैंट के रहने वाले आनंद मोहन शुक्ला, हरविंदर सिंह, पंकज सैनी, अमरीक सिंह, राजेंद्र कुमार, रोहित सिटी के रहने वाले जगजीत सिंह, रमन कुमार, राजीव शर्मा, जगदीश, जियालाल, सचिन आहूजा का कहना है कि प्रशासन बेशक लाख दावे करे, लेकिन हर मानसून में जलभराव की स्थिति से जूझना पड़ता है। प्रशासन लाखों खर्च तो कर देता है लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं आता। आम जनता की रिहायशी इलाकों में तो जलभराव है, ेकिन जहां अधिकारियों का रिहायशी इलाका है, वहां ऐसी स्थिति कम देखने को मिलती है। कईं बार तो सरकारी कार्यालयों में भी पानी घुस जाता है।
उधर, एसडीएम ने लिया बाढ़ सुरक्षा प्रबंधों का जायजा
अंबाला सिटी। एसडीएम कैप्टन शक्ति सिंह ने मंगलवार को सिंचाई और राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ जिला की विभिन्न नदियों में किए गए बाढ़ सुरक्षा प्रबंधों का निरीक्षण किया। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे शेष कार्य 15 जून से पहले पूरा करें ताकि अधिक वर्षा के कारण बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर नदियों से आबादी और फसलों को सुरक्षित रखा जा सके।
उन्होंने रूण नदी पर चेची माजरा में गांव की आबादी की सुरक्षा के लिए लगाए गए स्टडों का निरीक्षण किया और कहा कि गांव के रास्ते के पश्चिमी साइड में भी पहले से लगाए गए स्टडों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सुरक्षा स्टड लगाएं। उन्होंने गांव टंगैल में सिंचाई विभाग द्वारा लगाए गए स्टडों का निरीक्षण किया और किए गए कार्य पर संतोष जाहिर किया। इस अवसर पर एसडीएम बराड़ा गिरीश कुमार, जिला राजस्व अधिकारी जेएस विर्क, तहसीलदार विक्रम सिंगला, सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता एके रघुवंशी, एसडीओ माम चंद, जनस्वास्थ विभाग के कार्यकारी अभियंता नागपाल आदि मौजूद रहे।
नगर निगम और जनस्वास्थ विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की गई है। इस में सदर और शहर क्षेत्र में पानी की निकासी के लिए किए गए प्रबंधों की जानकारी प्राप्त की। उपायुक्त शीघ्र ही सदर और शहर क्षेत्र में नालों की सफाई के कार्य का पुन : निरीक्षण करेंगे। अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह आगामी दस दिन में नालों के सफाई के कार्य को युद्ध स्तर पर पूरा करें।
- कैप्टन शक्ति सिंह, एसडीएम अंबाला