पुलिस ने भाजपा ओबीसी मोर्चा के सम्मेलन में रास्ता रोकने, हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं के तहत नौ किसानों को नामजद किया है। इसके अलावा पुलिस ने 125 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी केस दर्ज किया है।
आरोप है कि शुक्रवार को सैनी समाज भवन में भाजपा ओबीसी मोर्चा के सम्मेलन से पहले आरोपी भाजपा नेताओं की गाड़ियों की तरफ दौड़े और जान से मारने की नीयत से ईंट और पत्थर फेंके, जिससे कई गाड़ियों के शीशे टूट गए। इसी दौरान जब ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो उनको धक्के मारे तथा ड्यूटी में बाधा पहुंचाई। आरोपियों ने पुलिस को भी धमकी दी।
केयूके थाना पुलिस में दर्ज शिकायत में एसआई रघुबीर सिंह ने कहा कि शुक्रवार को वह भाजपा ओबीसी मोर्चा की बैठक के दौरान कानून व्यवस्था बनाने के लिए सिपाही कृष्ण कुमार, एसपीओ संजीव कुमार, होमगार्ड दलबीर, सुखदेव सिंह, अमित के साथ सैनी समाज भवन के सामने मौजूद थे।
कृष्णा गेट थाना प्रभारी मलकीत सिंह अपनी रिजर्व के साथ, निरीक्षक विक्रांत, सीआईए-1 प्रभारी जसपाल, सीआईए-2 प्रभारी मंदीप सिंह अपने स्टाफ के साथ कानून व्यवस्था की ड्यूटी पर मौजूद थे। क्षेत्र को सुरक्षित रखने के लिए सड़क के दोनों साइड पर बैरिकेड लगाकर नाकाबंदी की गई थी।
इसी दौरान भारतीय किसान यूनियन के नेता जसबीर सिंह मामू माजरा की अध्यक्षता में अक्षय हथीरा, राजेंद्र सिंह कैंथला खुर्द, दिलबाग सिंह बारवा, अमरीक सिंह बहादुरपुरा, जयभगवान उर्फ काला किरमिच, उदय बुरा किरमिच, जस्सा बीड अमीन, कृष्ण कुमार कलाल माजरा सहित 100-125 किसान अपने हाथों में डंडा लाठी लेकर नारे लगाते हुए नाके और बैरिकेड को तोड़ते हुए अंदर घुस आए। आरोपी भाकियू नेता सैनी समाज भवन के सामने सड़क पर बैठकर धरना प्रदर्शन करने लग गए। पुलिस ने उन्हें समझाने की काफी कोशिश की, लेकिन किसानों ने किसी की कोई बात नहीं मानी और सड़क पर बैठकर नारेबाजी करते रहे।
जैसे ही भाजपा के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और नेताओं की गाड़ियां बैठक में आने लगीं तो किसान सड़क से उठाकर बैरिकेड को तोड़कर और गिराकर गाड़ियों की तरफ दौड़ पड़े। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने उनको रोकने की कोशिश की तो उनको धक्का मारते हुए गाड़ियों के ऊपर जान से मारने की नीयत से ईंट और पत्थर फेंके। गाड़ियों पर डंडे मारे, जिससे कई गाड़ियों के शीशे टूट गए। ज्यादा फोर्स बीच में आई तो वहां से धमकी देते हुए चले गए। आरोपियों ने सरकारी कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की की। पुलिस ने शिकायत पर उपरोक्त नौ किसानों को नामजद करते हुए 125 किसानों के खिलाफ आईपीसी की धारा 148, 149, 323, 341, 332, 353, 307 व 506 के तहत केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
वीडियो से कर रही पुलिस पहचान
डीएसपी (मु) सुुुुभाष चंद्र ने बताया कि पुलिस की ओर से पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी कराई गई थी। वीडियोग्राफी के आधार पर नौ किसानों की पहचान करके नामजद किया गया है। वीडियो के आधार पर ही अन्य किसानों की पहचान की जा रही है। मामले में किसी भी किसान की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
भाजपा नेताओं की कारों पर पथराव भाजपा द्वारा प्रायोजित : अरोड़ा
हरियाणा के पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अशोक अरोड़ा ने किसानों पर हत्या के प्रयास के आरोप जैसे संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज करने की आलोचना की है। अपने निवास पर पत्रकारों से वार्तालाप करते हुए अरोड़ा ने कहा कि किसानों को तो पुलिस ने घेर रखा था ऐसी स्थिति में किसानों द्वारा भाजपा नेताओं की कारों पर पथराव करने का सवाल ही पैदा नहीं होता। आरोप है कि भाजपा नेताओं ने अपने ही कार्यकर्ताओं से पथराव कराकर किसान आंदोलन को बदनाम करने का षड्यंत्र रचा है। इस मामले की गहनता से जांच होनी चाहिए और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, भाजपा के कार्यक्रम के नाम पर सैनी समाज भवन इलाके को सील करके जनता को परेशान किया गया। भाजपा का जो कार्यक्रम था उसमें पार्टी कार्यकर्ता टकराव करने पर आमादा थे। इस मौके पर प्रवीण कश्यप भी मौजूद रहे।