बस स्टैंड गुरुद्वारे के निकट रविवार सायं चार बजे रंजिश के चलते बाइक सवार कुछ बदमाशों ने पैरोल पर आए गांव ककराली निवासी मोनू की गोली मारकर हत्या कर दी। बदमाशों ने मोनू पर दो गोलियां फायर की थीं, जिनमें से एक गोली मोनू की छाती में लगी है। वारदात को अंजाम देने के पश्चात बदमाश मौके से फरार हो गए। वहीं, वारदात की सूचना मिलते ही डीएसपी गुरमेल सिंह, सीआईए टीम सहित पिहोवा पुलिस मौके पर पहुंची। इसी बीच घटनास्थल पर पहुंची सीन ऑफ क्राइम की टीम ने साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर एलएनजेपी अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया है। सोमवार को चिकित्सकों के पैनल द्वारा मृतक के शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा। पुलिस इससे रंजिश मान रही है, जिसके आधार पर पुलिस जांच में जुटी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी की फुटेज खंगालने में जुट गई है। बताया गया है कि रविवार सायं 4 बजे के करीब बस स्टैंड के पास गुरुद्वारा बाउली साहिब के नजदीक से मोनू अपने साथी के साथ बाइक पर जा रहा था। इसी बीच कुछ युवकों आए और उन्हें घेर लिया। अपने को घिरता देख मोनू ने भागने की कोशिश की, लेकिन इसी बीच एक युवक ने मोनू पर फायरिंग कर दी। छाती पर गोली लगने से मोनू वहीं गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई।
दोस्त के साथ बाइक लेने पिहोवा आया था मोनू
मृतक मोनू के पिता रतना राम ने बताया कि मोनू शाम करीब साढ़े तीन बजे गांव से अपने के दोस्त के साथ बाइक लेने के लिए पिहोवा आया था। उसकी बाइक कहीं गई हुई थी, जिससे उसे आने जाने में दिक्कत हो रही थी। शाम को घर पर वह बोल कर आया था कि वह बाइक लेने जा रहा है। करीब एक घंटे बाद उन्हें फोन पर सूचना मिली कि अज्ञात कार सवार बदमाशों ने मोनू को गोली मार दी है और उसका शव गुरुद्वारे के निकट सड़क पर पड़ा हुआ है। परिजनों का आरोप है कि वारदात के पीछे उन्हीं लोगों का हाथ है, जिन्होंने कुछ दिन पहले मोनू के भाई सोनू पर गोली चलाई थी। तभी से यह लोग रंजिश रखे हुए थे। उन्होंने ही मौका पाकर मोनू की हत्या की है। परिजनों का कहना है कि वे शुरू से ही पुलिस को ठोस कार्रवाई की गुहार लगा रहे थे, लेकिन पुलिस ने मामले में ढील बरती रही। उस समय केवल दो हमलावरों को पुलिस ने हथियार सहित गिरफ्तार किया था, जबकि एक आरोपी अभी भी फरार चल रहा था, जिसका परिणाम यह निकला कि मोनू को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा।
मोनू पर थे तीन मुकदमे दर्ज
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मोनू पर अवैध रूप से हथियार रखने के आरोप में तीन मुकदमे दर्ज थे। बताया गया कि पुलिस की सीआईए टीम ने मोनू को मार्च माह में ही अवैध 315 की सप्लाई करने के आरोप में काबू किया था, जिसके बाद से वह जेल में था। कुछ दिन पहले ही मोनू पैरोल पर आया था।
पुलिस कर रही मामले की जांच
डीएसपी गुरमेल सिंह ने बताया कि यह हत्या कि आपसी गैंगवार का नतीजा हो सकता है। मोनू की कुछ अन्य युवकों से रंजिश चल रही थी और इनमें पहले भी आपस में झगड़ा हुआ था। पुलिस जांच कर रही है। जांच के बाद ही सामने आएगा कि मर्डर किसने किया और इसके पीछे वजह क्या रही?