फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विधायक के आदेशों के आठ दिन बाद भी शहर को कैटल फ्री नहीं कर पाई नगर परिषद

विज्ञापन
विज्ञापन
आठ दिन पूर्व हुई नप की बैठक में जिले को कैटल फ्री बनाने के लिए विधायक सुभाष सुधा द्वारा दिए गए आदेश हवा हवाई साबित हो रहे हैं। सड़कों पर अभी भी लगभग 300 गोवंश घूम रहे हैं जो हादसों का कारण बन रहे हैं। उधर नगर परिषद के अधिकारी जिले को कैटल फ्री होने का दावा कर रहे हैं। नप के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने छह टीमों का गठन कर सड़कों पर लावारिस हालत में घूम रहे 800 गोवंशों को पकड़कर गोशाला पहुंचा दिया है।
विज्ञापन

विधायक सुभाष सुधा ने बीते 27 अगस्त को नगर परिषद के अधिकारियों व कर्मचारियों की बैठक लेकर दो दिन में शहर को कैटल फ्री करने के सख्त आदेश दिए थे और सड़कों पर गोवंश को छोड़ने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने बारे भी कहा था, लेकिन आदेशों के आठ दिन बीत जाने के बाद भी न तो शहर की सड़कों, सेक्टरों व कॉलोनियों से गोवंश पूरी तरह हट पाया और न ही गोवंश को सड़क पर छोड़ने वालों के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज हो पाई है। सड़कोड्ड पर घूम रहे लगभग 300 गोवंश के कारण पिछले एक महीने में 15 से 20 हादसे हो चुके हैं और कुछ हादसे संज्ञान में ही नहीं आए। रेलवे रोड, पिपली-कुरुक्षेत्र रोड, पिहोवा रोड, कैथल रोड किरमिच रोड, अमीन रोड, सलारपुर रोड, केडीबी रोड, जीटी रोड व झांसा रोड सहित सेक्टरों व कॉलोनियों में स्थिति आज भी पहले जैसी ही है। अब भी रात के समय लोग सड़कों पर निकलने से कतराते हैं। जिले के लोगों ने विधायक से मांग की है कि जो भी पशु अभी सड़कों पर लावारिस हालत में घूम रहे हैं इन्हें भी पकड़कर गोशाला भिजवाया जाए ताकि आए दिन पशुओं की वजह से सड़कों पर हो रहे हादसों में कमी आ सके।
गोशाला में ज्यादा गोवंश आ जाने से बिगड़ी व्यवस्था : तेज पाल
गांव मथाना के सरपंच पति तेजपाल ने बताया कि मथाना गोशाला में सात शैड़ों के नीचे एक हजार पशुओं को रखने की क्षमता, लेकिन नगर परिषद द्वारा अगस्त महीने में अभियान चलाकर लगभग 700 गोवंश को गोशाला में भेजा है, जिससे व्यवस्था बिगड़ गई है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से इन गोवंश के रख रखाव के लिए पांच लाख की राशि पंचायत को दी गई है, लेकिन गोवंश के रख रखाव के लिए यह राशि पर्याप्त नहीं है। रोजाना गोवंश के चारे व अन्य सामान की व्यवस्था में 35 से 40 हजार रुपये का खर्च आता है।
विज्ञापन

खच्चरों का भी लगा रहता है डेरा
सड़कों व कॉलोनियों में गोवंश के साथ-साथ खच्चरों का भी डेरा लगने लगा है। नप द्वारा अभियान के तहत गोवंश को तो पकड़ कर गोशाला भेजा जा रहा है, लेकिन खच्चरों के लिए कोई व्यवस्था नहीं की जा रही। रेलवे रोड सहित आसपास की कॉलोनियों में 10 से 15 खच्चर बेसहारा घूमते रहते हैं, जिससे राहगीरों को काफी परेशानी होती है।
3शहर पूरी तरह से कैटल फ्री: भारती
शहर पूरी तरह से कैटल फ्री हो चुका है। गोवंश को पकड़ने के लिए छह टीमों का गठन किया गया है। यह टीमें शहर की सड़कों, सेक्टरों व कॉलोनियों में घूम रहे लगभग 800 बेसहारा गोवंश को ट्रालियों में भर कर मथाना व बारना की गोशाला में पहुंचा चुका है और अधिकारी व कर्मचारी सड़कों पर इन गोवंश को छोड़ने वालों पर भी नजर रखे हुए हैं। अगर कोई भी व्यक्ति सड़क पर गोवंश को छोड़ता पाया गया तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
विज्ञापन

बीएन भारती, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें