पंचायत भवन में मंगलवार को हुई जिला परिषद की बैठक में जिला पार्षदों ने विकास कार्यों में आ रही परेशानी का दुखड़ा सुनाया और अधिकारियों पर अनदेखी करने का आरोप लगाया। बैठक में रखे गए प्रस्तावों पर चर्चा व मोहर लगने के बाद जब चेयरमैन गुरदयाल सुनहेड़ी व सीईओ ने पार्षदों से समस्या जाननी चाही तो पार्षदों ने कहा कि सरकार की नीतियां व योजनाओं का लोगों को फायदा नहीं पहुंच रहा है।
उनका कहना है कि सर, अब तो गांवों में जाने पर भी शर्मिंदा होना पड़ रहा है। गांव के सरपंचों से लेकर आम लोग भी विकास कार्यों को लेकर पूछने लगे है और हम उन्हें झूठे दिलासे देते-देते थक चुके है। न किसी विकास कार्य की ग्रांट का पता है और न ही कोई अधिकारी हमें तव्वजो दे रहा है। यहां तक कि जनता द्वारा चुने जाने पर हम सरकारी कार्यालयों में अपमान भी सहन करने को मजबूर हो रहे है।
पार्षदों ने बताया कि विकास कार्यों में अधिकारी पूरी तरह से रोड़ा बने हुए है, जो परिषद की बैठक में तो सभी आदेश और निर्देश पूरे करने की बात करते है, लेकिन कार्यालय में जाते ही उनके तेवर बदल जाते है। कई अधिकारी तो उन्हें पहचानने से ही इंकार कर देते है तो कई बार-बार प्रयास के बावजूद भी उनके फोन तक नहीं उठाते। यहां तक कि कई अधिकारी तो उन्हें विकास कार्यो व ग्रांट के बारे में पूछे जाने पर भी कोई जिक्र तक नहीं करना चाहते। ऐसे में कोई कार्य सही व नियमों के अनुसार भी नहीं हो रहा है तो वे उसकी शिकायत भी नहीं कर पा रहे। बड़े अधिकारी तो दूर जेई स्तर के अधिकारी भी उन्हें गंभीरता से नहीं लेते। ऐसे में जहां वे अपने-अपने क्षेत्र के गांवों में मजाक बनकर रह गए है तो वहीं प्रदेश व केंद्र सरकार की योजनाओं पर भी पलीता लग रहा है। लोग सरकार के खिलाफ हो रहे है और जब तक अधिकारियों पर लगाम नहीं होगी तब तक सरकार की योजनाएं भी सिरे नहीं चढ़ पाएंगी।
हैरत में पड़ गए चेयरमैन और अधिकारी
विभिन्न पार्षदों द्वारा खुलकर जताए गए रोष को देख जिला परिषद चेयरमैन गुरदयाल सुनहेड़ी व सीईओ कमलप्रीत कौर तथा दूसरे अधिकारी हैरत में पड़ गए। वहीं मीटिंग में कुछ संख्या में ही मौजूद विभिन विभागों के अधिकारियों से भी जब जवाब मांगा गया तो वे भी कोई सटीक कारण नहीं बता सके। जिसकेे उपरांत चेयरमैन ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अधिकारियों की ऐसी मनमानी सहन नहीं की जाएगी। उन्हें पार्षदों को पूरा मान सम्मान देना होगा तो वहीं विकास कार्यों को लेकर क्षेत्र के पार्षद को पूरी जानकारी भी देनी होगी। ग्रांट जारी होते ही परिषद की ओर से भी ई मेल से सूचना पार्षद को दी जाएगी।
15 माह पहले घोषित तीन करोड़ की राशि काट रही कार्यालयों के चक्कर
जिला पार्षद रीना देवी ने कहा कि पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह में राज्यमंत्री कृष्ण बेदी ने तीन करोड़ रुपये विकास कार्यों के लिए जारी करने की घोषणा की थी, लेकिन आज तक यह राशि सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रही है। इतने समय में भी राशि प्रयोग में नहीं लाई जा सकी है । वहीं दूसरे पार्षद ने कहा कि अनेक विकास कार्यों में निम्न श्रेणी की सामग्री लगाई जा रही है।
पार्षदों के मानदेय पर बनी सहमति
पार्षदों ने मुद्दा उठाया कि उनका मानदेय तीन हजार से बढ़ाकर 15 हजार रुपये तक किया जाए, इस पर सभी पार्षदों ने सहमति जताई, जिसके बाद निर्णय लिया गया कि इस संबंध में जल्द ही सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
समय पर नहीं दिए अस्टीमेट तो ग्रांट नहीं
बैठक में यह भी तय किया गया कि जो पार्षद समय पर विकास कार्यो के अस्टीमेट नहीं दे पाएंगे उन्हें बाद में ग्रांट जारी नहीं होगी। समय पर अस्टीमेट न देने पर दूसरे पार्षदों के कार्य भी प्रभावित होते है।
अधिकारी बैठक में नहीं पहुंचे तो होगी कार्रवाई
जिला परिषद की बैठक को गंभीरता से न लेने वाले अधिकारियों पर अब कार्रवाई होगी। अगली बैठक से जो भी अधिकारी नही उपस्थित होगा, उन्हेें लिखित में कारण देना होगा। वहीं मंलवार को भी बैठक में न आने वाले अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।
निर्माण कार्य में लापरवाही नहीं होगी सहन : सुनहेड़ी
कुरुक्षेत्र। जिला परिषद चेयरमैन गुरदयाल सिंह सुनहेड़ी ने परिषद की 102वीं बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि निर्माण कार्य में लापरवाही सहन नहीं होंगी। निर्माण कार्य में उच्च गुणवत्ता युक्त निर्माण सामग्री का प्रयोग किया जाए। जिला परिषद के सदस्य भी निर्माण कार्य की जांच करें, यदि कहीं खामी मिले तो तुरंत इसकी सूचना दी जाए। बैठक में चार एजेंडों पर विचार-विमर्श किया गया। इनमें 101वीं बैठक की कार्रवाई समीक्षा की गई, चौथी स्टेट फाइनेंस स्कीम के तहत प्राप्त राशि पर विचार-विर्मश किया और वैट नार्मल प्लान स्कीम के तहत प्राप्त राशि वितरण को लेकर चर्चा हुई। जिला परिषद चेयरमैन ने कहा कि सभी अधिकारी जिप सदस्यों को अवगत कराएं कि उनके क्षेत्र में कहां-कहां पर कार्य चल रहे हैं। उनका लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्र विकास कराना है, जिप सदस्यों के सहयोग से ही यह संभव हो पाएगा।
अगर कोई अधिकारी या ठेकेदार विकास कार्यो में लापरवाही बरतता है तो उसकी तुरंत जानकारी उनके वाट्सऐप नंबर पर भी दी जा सकती हैं ताकि जानकारी मिलते ही तुरंत कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि आगामी बैठक में सुनिश्चित किया जाएगा कि यदि कोई अधिकारी बैठक में उपस्थित नहीं होगा तो वे लिखित में कारण जिला परिषद को बताएगा। इस अवसर पर वाइस चेयरमैन परमजीत कश्यप, जिप सदस्य सुरेंद्र माजरी, रिंकू थाना, रीना देवी, नफे सिंह, मनीषा व जगीर सिंह सहित अन्य सदस्य मौजूद थे।