मुख्यमंत्री नायब सैनी बच्चों को प्रमाणपत्र और पदक से सम्मानित कर रहे थे। इसी दौरान बच्चों में भी सेल्फी विद सीएम का जबरदस्त क्रेज देखने को मिला। सम्मान लेने के बाद बहुत से बच्चे अपने मोबाइल में सीएम को अपने संग कैद करने में जुट गए। सीएम ने भी सहजता से सभी बच्चों के आग्रह को न केवल स्वीकार किया बल्कि उनके साथ सेल्फी भी करवाई। सिलसिला यहीं तक नहीं थमा कई बच्चों ने मंच से ही सीएम के साथ अपनी कुछ बातें भी साझा की। सीएम ने मंच पर ही बच्चों की बात को ध्यानपूर्वक सुना और उनका हौसला बढ़ाया।
फतेहाबाद स्थित रतिया की रहने वाली 12वीं कक्षा (कॉमर्स) की टॉपर्स तमन्ना जैसे ही मंच पर आई तो उसने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे अपने गुरु पीजीटी कुलदीप सिंह को भी मंच पर बुलाना चाहती है। उसकी इच्छा है कि जिस गुरु ने उसे इस मुकाम तक पहुंचाया है वह भी सम्मान लेने के समय उनके साथ मौजूद रहे। इस दौरान कुछ पलों के लिए असमंजस की स्थिति बन गई मगर सीएम ने बच्ची की जिद को मानते हुए उनके गुरु को मंच पर बुलाने की इजाजत दे दी। जिसके बाद बच्ची ने अपने गुरु को साथ लेकर सीएम से सम्मान प्राप्त किया।
बच्चों ने अपनी मेधा से बुलंदी छुई और मुख्यमंत्री नायब सैनी ने भी उन्हें एक शिक्षक, अभिभावक की तरह दुलार देते हुए सम्मान दिया। 10वीं कक्षा में 500 में से 498 अंक लेकर प्रदेश भर में सेंकड टाॅपर रही बेटी पल्लवी के साथ आए जींद के गांव कटवाल के रहने वाले सतीश कुमार कहते हैं आज बेटी ने जो खुशी उन्हें दी है, वे शब्दों में बयां नहीं की जा सकती।
जैसे ही बेटी का नाम मंच से पुकारा गया, तो उनका सीना चौड़ा हो गया। करीब आधा घंटा संबोधन के बाद सीएम ने 10 मिनट बच्चों के सवालों के जवाब भी दिए। उसके बाद बच्चों को सम्मानित करते हुए सीएम ने बच्चों से न केवल उनका बल्कि उनके परिवार का हालचाल भी पूछा। समारोह में भाग लेने के लिए प्रदेशभर से बच्चे सुबह 9 बजे करनाल पहुंचना शुरू हो गए थे।
मेडिकल कॉलेज के सभागार में बच्चों का पंजीकरण किया गया, उसके बाद आगामी कार्यक्रम शुरू हुआ। कार्यक्रम निपटने के बाद भी बच्चे सभागार में सेल्फी के जरिये इन यादगार पलों को समेटने में जुटे रहे और देर शाम अपने घरों की ओर रवाना हो गए। सम्मान पाने के बाद बहुत से बच्चों ने एक-दूसरे को गले लगाकर, अपने गुरुजनों और परिजनों के पांव छूकर उनका आशीर्वाद लेते हुए सम्मान प्राप्ति की खुशियों को साझा किया।