फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मां चंद्रघंटा अलौकिक सुख प्रदान करने वाली देवी

विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

कुरुक्षेत्र। नवरात्र के तीसरे दिन श्री देवीकूप मां भद्रकाली मंदिर में मां चंद्रघंटा का आह्वान किया गया। सर्वप्रथम मुख्य पुजारिन शिमला देवी ने मां भद्रकाली की महाआरती की। मां को पंचामृत, दूध-दही, शहद, गंगाजल, केसर, गुलाब जल से स्नान कराया गया। मां का चंद्रघंटा के स्वरूप में भव्य शृंगार किया गया।
सुबह छह बजे आरती शुरू होते ही दर्शनों के लिए मंदिर के कपाट खोल दिए गए। सुबह से ही भक्त मंदिर में कतारबद्ध होकर खड़े हो गए थे। पीठाध्यक्ष सतपाल शर्मा ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माता चंद्रघंटा को राक्षसों की वध करने वाला कहा जाता है। माना जाता है मां ने अपने भक्तों के दुखों को दूर करने के लिए हाथों में त्रिशूल, तलवार और गदा रखा हुआ है। माता चंद्रघंटा के मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र बना हुआ है, जिस वजह से भक्त मां को चंद्रघंटा कहते हैं। देवी चंद्रघंटा की पूजा और भक्ति करने से आध्यात्मिक शक्ति मिलती है। नवरात्रि के तीसरे दिन जो भी माता के तीसरे रूप मां चंद्रघंटा की पूजा अर्चना करता है, उन सभी को माता की कृपा प्राप्त होती है।
विज्ञापन

मां का यह स्वरूप परम शांतिदायक और कल्याणकारी है। माता चंद्रघंटा देवी का शरीर सोने की तरह चमकता हुआ प्रतीत होता है। मान्यता है कि माता के घंटे की तेज ध्वनि से राक्षस सभी बहुत डरते हैं। देवी चंद्रघंटा अपने भक्तों को अलौकिक सुख देने वाली है। माता चंद्रघंटा का वाहन सिंह है। मां चंद्रघंटा के गले में सफेद फूलों की माला रहती है। मां भद्रकाली जी को भी मां चंद्रघंटा रूप मानकर सफेद फूलों की माला अर्पित की गई। भोग के रूप में मखाने की खीर का भोग लगाया गया।
दोपहर 12 बजे व्रत भंडारा उपेंद्र शर्मा व श्रीकांत शर्मा की ओर से आयोजित किया गया, जिसमें पकोड़े, आलू, दही, सामकी की खीर, चिलाई के लड्डू, फल का भोग वितरित किया गया। इसके साथ ही अन्नपूर्णा भंडारा सुनील वर्मा ने अपने पिता हुकमचंद वर्मा की याद में लगाया, जिसमें हलवा छोले ,कढ़ी चावल, आलू-पुरी का प्रसाद भक्तों में बांटा गया। शाम चार बजे भजन संध्या अभिषेक जागरण एंड पार्टी की ओर से प्रस्तुत की गई, जिसमें मुख्य अतिथि सोनिका गुप्ता व प्रवीण गुप्ता उपस्थित रहे।
विज्ञापन

नवरात्र में रोजाना करे कन्या पूजन : सतपाल शर्मा
पीठाध्यक्ष सतपाल शर्मा ने बताया कि सभी भक्त नवरात्रि में कन्या पूजन जरूर करें। पहले नवरात्र पर एक कन्या, दूसरे पर दो कन्याओं, इसी प्रकार नवमी पर नौ कन्याओं का पूजन करना चाहिए। इन कन्याओं की शिक्षा पर खर्च कर सकते हैं। दुर्गाष्टमी पर होने वाले जगराते की तैयारी मंदिर परिसर में शुरू हो चुकी है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें