श्रम कानूनों में बदलाव के विरोध में सर्व कर्मचारी संघ, जनसंघर्ष मंच, अखिल भारतीय किसान सभा के अलावा कई ट्रेड यूनियन्स के साथ कई कर्मचारी संगठनों ने एकजुट होकर सेक्टर-दस पार्क से लघु सचिवालय तक रोष मार्च निकाला। साथ ही प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन प्रशासन को सौंपा।
जनसंघर्ष मंच की सदस्य उषा कुमारी ने कहा पांच जुलाई को मौजूदा सरकार ने 44 श्रम कानूनों को समाप्त कर श्रम संहिता (लेबर कोड) बनाने की घोषणा की थी। बताया 23 जुलाई को दो लेबर कोड बिल वेतन कोड बिल और स्वास्थ्य सेफ्टी कोड बिल लोकसभा में पेश किया गया।
अखिल भारतीय किसान सभा के सचिव प्रताप सिंह ने मांग की, कि खराब हुई फसल की गिरदावरी के बाद 40 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए। इस मौके पर भीम सिंह सैनी, हेमसा से रणबीर रोहिल्ला, सुरेश गुढा, सुभाष गुंसर, बलजीत सिंह, एनआईटी से मेस वर्कर मुरली, सुभाष पारचा, केडीबी से कृष्ण कुमार, पब्लिक हेल्थ से सुरेंद्र कुमार, हेमराज, ब्लॉक प्रधान थानेसर आनंद सिंह, पिहोवा से ब्लॉक प्रधान बलवान मोर, उषा देवी, पावर कार्पोरेशन से सुनील रतन सहित अन्य कर्मचारी नेता मौजूद रहे।