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कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में गुरु और शिष्य दोनों एक साथ हड़ताल पर

Wed, 16 Sep 2015 12:49 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला कुरुक्षेत्र
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देश के 10वें पायदान पर मौजूद कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में मंगलवार को गुरु और शिष्य दोनों खूब जमकर भड़के।
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कुलपति कार्यालय पर गुरुओं ने कुलपति कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। दूसरी ओर केयू प्रशासन के खिलाफ छात्रों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी।

कुलपति कार्यालय पर मंगलवार को गेट पर ताला लगा रहा। देर शाम तक कुलपति कार्यालय के बाहर छात्र भूखहड़ताल पर बैठे थे।

इसके बाद भी केयू प्रशासन के किसी अधिकारी ने उनसे संपर्क नहीं साधा। कुटा के बैनर तले शिक्षकों का प्रदर्शन दोपहर बाद तक जारी रहा। इससे यूनिवर्सिटी का शिक्षण कार्य प्रभावित रहा।

गुरुओं ने निकाली जमकर भड़ास  
केयू शिक्षक संघ ने मंगलवार को कुलपति कार्यालय के बाहर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इसका नेतृत्व कुटा अध्यक्ष डॉ. परमेश कुमार ने किया।

शिक्षकों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। डॉ. परमेश कुमार ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन लगातार उनकी मांगों को लेकर ढीला रवैया अपनाए हुए हैं। इसलिए कुटा आंदोलन कर रही है। विश्वविद्यालय में कुलपति नहीं है। इसलिए वे कुलसचिव और डीन को ज्ञापन सौंपेंगे।
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इस अवसर पर कुटा सहसचिव  डॉ. कुलदीप सिंह, कोषाध्यक्ष डॉ. राहुल गुप्ता,  कुटा ईसी सदस्य प्रो. एमएस जॉगलान, डॉ. आबिद अली अंसारी, डॉ. फकीर चंद, डॉ. जितेन्द्र खटकड़, डॉ. विजय कुमार, डॉ. पंकज, डॉ. महेंद्र कुमार, डॉ. महावीर रंगा, डॉ. हरदीप सिंह, डॉ. सुमन सिंह, डॉ. मिनाक्षी, डॉ. दीप्ति, डॉ.  बलजीत सहारन, डॉ. रमेश कैत आदि उपस्थित रहे।

ये हैं मुख्य मांगें
- 2004 से एम.टेक के शिक्षकों का अग्रिम वेतन और पिछली सर्विस के लाभ प्रदान करना
- चौथे पे बैंड में नौकरी के दौरान एमटेक की दो, एमफिल की तीन, पीएचडी की पांच अग्रिम वृद्धियां
- युजीसी के नियमों के अनुसार सेल्फ-सर्विस शिक्षको को बजटेड में बदलना
- रिसर्च प्रोजेक्ट के लिए सिंगल विंडो सिस्टम करना
- मेडिकल लीव के लाभांश देना, अंडर लीव की संख्या 30 होना
- शैक्षणिक कार्य के पांच दिन निर्धारित करना
- पुरानी पेंशन को जारी करने का शिक्षकों को एक और मौका देना
- शिक्षकों की सुरक्षा निर्धारित करना
- शिक्षकों के इंटरव्यू बार-बार न लेना
- चुनाव ड्यूटी से मुक्त रखना

कक्षाएं भी रहीं ठप
विश्वविद्यालय कॉलेज के छात्र तपेश राव, सुरजीत, रजत पबनावा, राजेश आदि ने बताया कि केयू शिक्षकों के हड़ताल पर होने के कारण कक्षाएं नहीं लगीं। इस वजह से लैब में काम हो पा रहा है।


एसएफआई ने की भूख हड़ताल शुरू
कुरुक्षेत्र। केयू प्रशासन द्वारा फीस में की गई बढ़ोतरी के खिलाफ एसएफआई के बैनर तले छात्रों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है।

पांच दिन के अल्टीमेटम के बाद मंगलवार को शुरू हुई भूखहड़ताल में पांच छात्र बैठे। इन छात्रों के साथ बड़ी संख्या में अन्य छात्रों ने भी कुलपति कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान केयू प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई।
छात्र संगठन के अध्यक्ष पवन थुआ के नेतृत्व में छात्र संगठन के सदस्य यूनिवर्सिटी कॉलेज और विभिन्न विभागों में पहुंचे।

उन्होंने कक्षाओं को खाली कराया। इसके बाद छात्र री-अपीयर की फीस में अनैतिक बढ़ोतरी को लेकर नारेबाजी करते हुए कुलपति कार्यालय पहुंचे। यहां विद्यार्थियों ने जमकर नारेबाजी की और उसके भूख हड़ताल शुरू कर दी। पवन थुआ ने बताया कि फीस वापस लेने के लिए प्रशासन को 10 तारीख तक की मोहलत दी थी।
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इसके बाद भी केयू प्रशासन ने अपना फैसला वापस नहीं लिया है। केयू प्रशासन जब तक लिखित में बढ़ी हुई री-अपीयर की फीस वापस लेने के आदेश नहीं देता, तब तक उनकी भूख हड़ताल जारी रहेगी। भूख हड़ताल में शामिल होने वाले छात्र नेताओं मे अध्यक्ष पवन थुआ, मुकेश, असीम, मन्दीप और उदय रहे। उनके साथ नरेंद्र, अंनत, विकास, गीता, इंदू, रुमन, ज्योति आदि विद्यार्थी मौजूद रहे।
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