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Kurukshetra: खरींडवा गांव के जोहड़ में नहाने गए दो बच्चों की डूबने से मौत, चार घंटे तलाश करने पर मिले शव

Thu, 27 Jun 2024 09:19 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र/ शाहाबाद (हरियाणा)

सार

सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची तो एक परिवार ने बच्चे के शव का पोस्टमार्टम करवाने व किसी तरह की कार्रवाई से इनकार कर दिया और शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया तो दूसरे बच्चे के शव को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए कब्जे में लिया है।
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विलाप करते परिजन। मृतकों के फाइल फोटो। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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कुरुक्षेत्र के खरींडवा गांव में वीरवार को जोहड़ में डूबने से दो बच्चों की मौत हो गई। घटना से पूरे गांव में मातम पसर गया। ये दोनों बच्चे घर से खेलने के लिए निकले थे। जब वह काफी देर तक वापस नहीं आए तो परिजनों को चिंता हुई और उनकी खोज की गई तो तालाब के किनारे उनके कपड़े मिले जिससे उनके जोहड़ में डूबने की परिजनों ने आशंका जताई। शाम करीब चार बजे दोनों के शव तालाब से बरामद हो गए। मृतक बच्चों की पहचान 11 वर्षीय चेतन व मनप्रीत उर्फ़ मयंक के रूप में हुई। 

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चेतन व मनप्रीत उर्फ मयंक गांव के ही राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खरींडवा में चौथी क्लास के छात्र है। स्कूल में अवकाश के चलते दोनों रोजाना घर से एक साथ खेलने के लिए निकलते थे। वीरवार को भी दोपहर दोनों अपने-अपने घरों से एक साथ खेलने के लिए निकले थे।

चेतन अपने पीछे पिता निर्मल सिंह, माता रीना रानी और छोटे भाई नितिन को छोड़ गया है, जबकि मनप्रीत उर्फ़ मयंक परिवार का इकलौता पुत्र था और वह अपने पीछे पिता सतीश कुमार, माता सीमा रानी और छोटी बहन दीक्षा को छोड़ गया है। दोनों बच्चों के परिवार गरीब हैं और दोनों बच्चों के पिता मेहनत-मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं।
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आखिर क्यों और कैसे हुआ हादसा, ग्रामीणों ने लगाया आरोप
खरींडवा गांव के जोहड़ में सफाई चल रही है, इसलिए जोहड़ के किनारे अलग से गहरा जोहड़ बनाकर पानी उसमें एकत्रित किया गया है, जिसमें मछलियों आदि को भी छोड़ा गया है। दोनों बच्चे इसी जोहड़ में उतरे और माना जा रहा है कि गहराई अधिक होने की वजह से डूब गए और हादसे का शिकार हुए।

उधर कुछ ग्रामीण ये भी आरोप लगाते रहे कि जोहड़ को करीब 25 फीट गहरा किया हुआ है, इसलिए बच्चों के साथ यह हादसा हुआ है। वहीं सरपंच पवन कुमार ने बताया कि पिछले 30 वर्षों से जोहड़ की सफाई नहीं हुई थी लेकिन अब सफाई के समय जोहड़ को इतना गहरा भी नहीं खोदा गया है, जितना आरोप लगाने वाले बता रहे है। सरपंच का कहना था कि नहाने गए दोनों बच्चे शायद जोहड़ में दल-दल में फंस गए और डूबने से उनकी मौत हो गई।

पूर्व मंत्री ने दिया पीड़ित परिवारों को मदद का भरोसा
हादसे के बाद परिवारों को पूर्व मंत्री कृष्ण बेदी सांत्वना देने पहुंचे। उन्होंने कहा कि बच्चों की मृत्यु की भरपाई असंभव है, लेकिन वे मुख्यमंत्री से परिवारों की सहायता की हर संभव मदद करवाने की कोशिश करेंगे। वहीं विधायक रामकरण के पुत्र और जिला परिषद सदस्य कंवरपाल ने भी परिवारों के लोगों को सांत्वना दी और विधायक कोष से हर संभव मदद करवाने का भरोसा दिया। सरपंच पवन कुमार ने भी पंचायत फंड से सहायता का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि वे पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं।

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