कुरुक्षेत्र। विश्व शांति धाम सेवा केंद्र में विचार सुनते बीके सदस्य। आयोजक
कुरुक्षेत्र। बदलते परिवेश में आध्यात्मिकता मनुष्य को शांति, संतुलन और सकारात्मकता प्रदान करती है। ब्रह्माकुमारीज विश्व शांति धाम सेवा केंद्र की संचालिका राजयोगिनी सरोज ने प्रातः मुरली क्लास में परमात्मा के महावाक्य सुनाए। उन्होंने राजयोग के अभ्यास से मन को शांत कर खुशहाल जीवन बनाने का मार्गदर्शन किया।
राजयोगिनी सरोज ने बताया कि परमात्मा ने बेफिक्र जीवन जीने की कला सिखाई है।
चिंताओं को परमात्मा को सौंपकर सकारात्मक सोच अपनाने से मन हल्का और जीवन खुशहाल बनता है। व्यर्थ संकल्पों में समय गंवाने के बजाय श्रेष्ठ विचारों और कर्मों पर ध्यान देना चाहिए। तीव्र पुरुषार्थ का आधार एक सेकंड में आत्मिक स्वरूप में स्थित होना है। गुरुवार को वरदान के दिन के रूप में श्रेष्ठ गुणों को जीवन में धारण करें। रविवार को अपनी कमजोरियों को छुट्टी देने का आह्वान किया। आध्यात्मिक शिक्षाओं को सुनकर उन्हें व्यवहार में उतारना आवश्यक है।
राजयोगिनी सरोज ने हर आत्मा तक परमात्मा का संदेश पहुंच कर उसे सुख-शांति का अनुभव कराने का आह्वान किया। जरूरतमंद लोगों को सहयोग और शक्ति प्रदान करना ही सच्ची आध्यात्मिक सेवा है।
उन्होंने कहा कि एकाग्रता की शक्ति बढ़ाने से मन और बुद्धि का भटकना बंद हो जाता है। बीके गौरव ने परमात्मा के महावाक्यों पर आधारित क्विज कराया। इसमें बीके सुदेश, राजकुमारी, लता चावला, हर्ष कुमारी, सुनीता मित्तल, बलवंत सिंह, मुकेश, डॉ. आरडी शर्मा, राजेश और कश्मीरी लाल ने भूमिका निभाई।